सूरजपुर

जिला पंचायत उपाध्यक्ष की शिकायत पर जिले विभिन्न स्कूलों में गुणवत्ता विहीन मध्यान भोजन खाद्य सामग्री वितरण पर कलेक्टर ने लगाई रोक..

सूरजपुर। जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक स्कूलों मे मध्याह्न भोजन के सूखा राशन मे निम्न स्तर के घटिया सामग्री वितरण की शिकायत एवं इस पर रोक लगाने की मांग जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने कलेक्टर से की थी।जिस पर कलेक्टर सूरजपुर द्वारा तत्काल संज्ञान में लेकर मध्यान भोजन सामग्री वितरण पर रोक लगा दी गई है।
जिला पंचायत उपाध्यक्ष नरेश राजवाड़े के द्वारा कलेक्टर को दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि जिले के प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन योजनांतर्गत 45 दिन हेतु सुखा राशन जिसमें दाल, खाद्य, तेल, सोयाबीन बड़ी, अचार, नमक केंद्रीय भंडार रायपुर द्वारा स्कूल में वितरण के लिए सामग्री उपलब्ध कराई गई है जो बेहद निम्न स्तर की घटिया है। उन्होंने बताया है कि कई स्कूल में उन्होंने निरीक्षण किया तो जहां दाल,खाद्य, तेल सोयाबीन बड़ी, अचार, आदि निम्नस्तर के पाए गए हैं।उन्होंने आरोप लगाया है कि शासन द्वारा प्रदाय की गई राशि के मुकाबले राशन की किट न देकर भारी गड़बड़ी की गई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष नरेश राजवाड़े ने गुणवत्ता विहीन सामग्री पर रोक लगाते हुए गुणवत्ता युक्त राशन सामग्री बाजार कीमत पर मूल्यांकन करा वितरण किए जाने की मांग की गई है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष ने बताया कि ज्ञापन के बाद कलेक्टर रणवीर शर्मा ने उक्त खाद्य सामग्री वितरण पर फिलहाल रोक लगाने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दे दी है।
विदित हो कि इससे पहले मध्यान भोजन का संचालन महिला स्वयं सहायता समूह के द्वारा किया जाता था। किंतु कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए जारी लॉकडाउन के बीच प्रदेश सरकार ने केन्द्रीय भण्डार रायपुर से मध्याह्न भोजन की सामग्री आपूर्ति का आदेश जारी किया है। जिसमे स्कूली बच्चों के मध्याह्न भोजन हेतु प्रति बच्चे के मान से दाल, खाद्य तेल, सोयाबीन बड़ी, अचार पैकेट की आपूर्ति की गई है, जो अत्यंत अमानक स्तर का है। स्कूलों मे मध्याह्न भोजन हेतु वितरण किए जा रहे सूखा राशन अत्यंत ही घटिया है जिसे लेकर स्कूली बच्चों एवं अभिभावकों ने ऐतराज जताया है और इसकी शिकायत जनप्रतिनिधियों से भी की गई है।हालांकि इस मामले मे स्थानीय अधिकारी- कर्मचारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं लेकिन जिस तरह गाँव- गाँव मे गठित महिला स्वयं सहायता समूह के माध्यम से मध्याह्न भोजन का संचालन पिछले कई वर्षों से किया जा रहा था लेकिन एकाएक जिस तरह सूखा राशन की सामग्री केन्द्रीय भण्डार से आपूर्ति का निर्णय लिया गया इसमे किसी बड़े सांठगांठ से इंकार नही किया जा सकता है।
स्कूलों मे मध्याह्न भोजन के लिए वितरित किया जा रहा सूखा राशन अत्यंत घटिया स्तर का है जिसकी शिकायत जिला पंचायत उपाध्यक्ष सूरजपुर द्वारा कलेक्टर महोदय से गई है तथा इसके वितरण व भुगतान पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है।

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