शासकीय सेवकों, निगम-मंडल कर्मचारियों, संविदाकर्मियों और नगर सैनिकों के लिए बड़ी राहत: अब 45 वर्ष की उम्र तक कर सकेंगे उच्च पदों और अन्य सेवाओं के लिए आवेदन, छत्तीसगढ़ मंत्रिमंडल के अहम फैसले

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव सहाय की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के युवाओं, कर्मचारियों और न्यायिक अधोसंरचना के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में सबसे बड़ा निर्णय सेवारत कर्मचारियों के हित में लिया गया है।
राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी व अस्थायी शासकीय सेवकों, निगम-मंडल और स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों, संविदाकर्मियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने में बड़ी राहत दी गई है। इसके तहत अब इन सभी कर्मचारियों के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। इस निर्णय से सेवारत कर्मचारियों को उच्च पदों एवं अन्य सेवाओं में आगे बढ़ने के अधिक और समान अवसर मिल सकेंगे। इस संबंध में राज्य शासन द्वारा एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए अन्य प्रमुख निर्णय इस प्रकार हैं:
मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन
प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार के नए अवसर सृजित करने के लिए ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं NIPUN मिशन’ को मंजूरी दी गई है। इस मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों हेतु 500 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। इसके अंतर्गत सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और 5 इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही, NIPUN JOB Engine के माध्यम से उद्योगों की जरूरत के अनुरूप कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को बढ़ावा दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30
राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को मंजूरी प्रदान की गई है। नई नीति के माध्यम से प्रदेश में मजबूत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाएगा। ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के जरिए उद्यमियों तथा निर्यातकों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच बढ़ाई जाएगी, जिससे कृषि एवं औद्योगिक क्षेत्रों के मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना
नवा रायपुर अटल नगर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (NSTI) की स्थापना के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को ग्राम तेंदुवा में 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने का निर्णय लिया गया है। लगभग 200 करोड़ रुपए की लागत से विकसित होने वाले इस संस्थान में आधुनिक शैक्षणिक, प्रशासनिक एवं छात्रावास सुविधाएं होंगी। यहां दीर्घकालिक पाठ्यक्रमों में प्रतिवर्ष 1,000 तथा अल्पकालीन कार्यक्रमों में 3,000 प्रशिक्षुओं को आधुनिक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन के लिए भूमि आवंटन
दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन के निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप 4 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। भिलाई इस्पात संयंत्र के नाम दर्ज इस भूमि के बदले ग्राम पाहंदा (तहसील पाटन) में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि संयंत्र को दी जाएगी। दोनों भूखंडों का वर्तमान मूल्य लगभग समान है, जिससे दुर्ग में आधुनिक एवं सुव्यवस्थित नवीन न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।




