गाँव गाँव में नलजल स्थापित करने मुख्यमंत्री की पहल रंग लाई:यू.डी मिंज…..विधायक ने जलसंवर्धन एवं संरक्षण के लोगों स्वयं आगे आने को कहा….नलजल स्थापना से गांव में पेयजल की समस्या दूर होगी

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जशपुर:-कुनकुरी विधायक श्री यू.डी. मिंज ने कहा कि प्रदेश के यशस्वी एवं संवेदनशील मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी के द्वारा नल जल योजना के लिए सरकार बनने के बाद से ही इसमे कार्य कर रही है। उनकी दूरदर्शी सोच को लेकर विभाग के द्वारा जल योजना स्थापित भी किए जा चुके हैं और चिन्हित स्थानों पर नल जल योजना स्थापित की गई है जिससे लोगों को पेयजल के लिए किसी भी प्रकार की असुविधा ना हो और सभी को स्वच्छ जल की सुविधा उपलब्ध हो पाये।

उन्होंने कहा कि नलजल योजना को गांव गांव में लगाने के लिए प्रदेश के विधायकगण के द्वारा लगातार मांग की जा रही थी। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद से लगातार नलजल योजना की स्थापना का काम चल रहा था कुनकुरी विधानसभा क्षेत्र में अभी तक लगभग 50 नल जल स्थापित किये जा चुके है। इसके अच्छे परिणाम के कारण इसे सभी गाँव मे लगाने के लिए विधायकों ने माननीय मुख्यमंत्री जी से प्रत्यक्ष मिलकर मांग की थी जिसके अनुसार माननीय मुख्यमंत्री जी ने आश्वस्त किया था । इसी क्रम में माननीय मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल जी ने जल जीवन मिशन के तहत छत्तीसगढ़ राज्य के लिए 3500 करोड़ रूपए
की मांग की थी उनकी इस कार्ययोजना को केन्द्र सरकार ने सैद्धांतिक सहमति प्रदान करते हुए इसके प्रथम चरण के कार्याें के लिए 445 करोड़ रूपए की स्वीकृति प्रदान की है। माननीय मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जी ने इस योजना के लिए 50 प्रतिशत राज्यांश की राशि तथा समुदाय अंशदान की राशि उपलब्ध कराने की बात कही है। जिसके तहत जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर नल से जल आपूर्ति की जाएगी। इससे छत्तीसगढ़ राज्य के ग्रामीण घरों में नल कनेक्शन देने के कार्याें को गति मिलेगी।

विधायक यूडी मिंज ने कहा कि हमें अपने आस पास के जलस्रोतों के संवर्धन के लिए आगे आना होगा उनकी सुरक्षा करनी होगी सभी को मालूम है पानी का हमारे जीवन मे क्या महत्व है वैसे भी जशपुर डेंजर जोन में है सभी जलस्रोतों का संवर्धन करना है इसके लिए जंगलों पर निर्भरता कम करनी है जंगल को कटने से बचाना है अपनी क्षमता के अनुसार पौधे लगाना है । गाँव शहर सभी जगह के लोग आगे आएं सामाजिक वानिकी को अपनाए और अपने घर आंगन,खेतों की मेड,खाली जगहों पर सेंधवार , फुटकल,बड़,पीपल , बकाइन,गंभार, बेर,करंज शीशम,जामुन,आम,सेमल, कटहल जैसे अन्य पौधे लगाएंगे तो इससे मिट्टी कटाव कम होगा जलस्तर बढ़ेगा और भविष्य में पेयजल निस्तारी और सिंचाई की परेशानी नहीं होगी।
देखिये थोड़ा

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