आईटीआई अंबिकापुर में नवाचार एवं उद्यमिता के साथ मतदाता जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

अंबिकापुर। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था (आईटीआई) अंबिकापुर के राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) एवं जिला उद्योग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 के संबंध में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला उद्योग विभाग के संयुक्त संचालक श्री संदीप शुक्ला मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे।
श्री संदीप शुक्ला ने प्रशिक्षणार्थियों को नवाचार, उद्यमिता, स्वरोजगार तथा रोजगार सृजन की संभावनाओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने युवाओं को अपने कौशल और रचनात्मक विचारों का उपयोग कर नए उद्यम स्थापित करने तथा आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 के अंतर्गत कुल ₹5 करोड़ के पुरस्कारों की घोषणा की गई है। इसमें 50 विजेताओं को ₹10 लाख तक के पुरस्कार मिलने का उल्लेख है। इस पहल में स्टार्टअप, रिसर्च, MSMEs, ग्रासरूट इनोवेटर्स एवं सामाजिक संस्थाओं को भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। आवेदन की अंतिम तिथि 17 अक्टूबर 2026 दर्शाई गई है।
नए मतदाताओं को मतदाता सूची में नाम जुड़वाने की जानकारी
कार्यक्रम के दौरान आईटीआई के मतदाता जागरूकता कार्यक्रम के अधिकारी श्री राजेश सोनी ने प्रशिक्षणार्थियों को मतदाता जागरूकता के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने विशेष रूप से नए एवं पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में बताया। उन्होंने युवाओं को लोकतंत्र में मतदान के महत्व को समझाते हुए मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने तथा अपने मताधिकार के प्रति Z
जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने बताया कि एक जागरूक मतदाता ही मजबूत लोकतंत्र की आधारशिला है। युवाओं को मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त कर अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करना चाहिए।
इस अवसर पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अधिकारी श्री शब्बीर आलम, श्री अशेष सिन्हा, श्री राजेश सोनी, श्री अमित ठाकुर एवं श्रीमती गीता निर्मलकर सहित बड़ी संख्या में प्रशिक्षणार्थी उपस्थित रहे। NSS अधिकारी ने कार्यक्रम के आयोजन, प्रशिक्षणार्थियों को मार्गदर्शन देने तथा मतदाता जागरूकता एवं नवाचार संबंधी गतिविधियों में सक्रिय सहयोग प्रदान किया।
कार्यक्रम का उद्देश्य प्रशिक्षणार्थियों को कौशल विकास एवं उद्यमिता के प्रति प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और कर्तव्यों के प्रति जागरूक बनाना रहा।




