कार्यालय में घुसकर पटवारी से मारपीट करने वाला भाजपा नेता एक साल के लिए जिला बदर

अंबिकापुर । छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में पटवारी के साथ खुलेआम मारपीट करने कार्यालय में घुसकर पटवारी सवाले भाजपा नेता पर बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की गई है। आरोपी नेता को एक साल की अवधि के लिए सरगुजा सहित छह जिलों की सीमा से निष्कासित (जिला बदर) कर दिया गया है।
यह पूरा मामला सरगुजा जिले के दरिमा तहसील का है। बीते 22 अप्रैल 2026 को दरिमा तहसील के कंठी हल्का में पदस्थ पटवारी प्रकाश मंडल अपने कार्यालय में नियमित कार्य कर रहे थे। इसी दौरान भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा मंडल दरिमा के अध्यक्ष मोनू कुजूर उर्फ जितेंद्र कुजूर अपने कुछ सहयोगियों के साथ वहां पहुंचा। किसी बात को लेकर उपजा विवाद इतना बढ़ गया कि उसने पटवारी पर हमला कर दिया। कार्यालय के अंदर शुरू हुई मारपीट सड़क तक पहुंच गई और आरोपी ने डरकर भाग रहे पटवारी का पीछा कर बेरहमी से डंडे से पिटाई की। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था।
इस घटना के बाद जिले भर के पटवारियों में भारी आक्रोश फैल गया था। राजस्व अमले की गरिमा पर हमले से नाराज पटवारियों ने दरिमा थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की थी और बड़े आंदोलन की चेतावनी दी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक सरगुजा द्वारा आरोपी जितेन्द्र कुजूर उर्फ मोनू कुजूर (निवासी ग्राम सोहगा, तहसील दरिमा) के विरुद्ध राज्य सुरक्षा अधिनियम 1980 की धारा 5 (क) (ख) के तहत जिला बदर की कार्रवाई का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन के आधार पर नोटिस जारी कर विधिवत सुनवाई का अवसर दिया गया। अभियोजन और साक्ष्यों के आधार पर आरोप सिद्ध होने पर जिला दण्डाधिकारी, सरगुजा ने अधिनियम के तहत जिला बदर का आदेश जारी कर दिया है।
जारी आदेश के अनुसार, आरोपी जितेन्द्र कुजूर उर्फ मोनू कुजूर को 10 सितम्बर 2026 से एक वर्ष के लिए सरगुजा, जशपुर, रायगढ़, कोरबा, बलरामपुर तथा सूरजपुर जिले की सीमा से बाहर कर दिया गया है।





