अम्बिकापुर : जवाहर मार्केट में ₹5 लाख की सनसनीखेज चोरी, हाथ-पैर बांधने की झूठी स्क्रिप्ट लिखने वाला नौकर ही निकला मास्टरमाइंड, डाइट के पीछे छुपाए ₹5 लाख बरामद

अम्बिकापुर (सरगुजा): सरगुजा पुलिस ने जवाहर मार्केट कॉलोनी (बनारस चौक) में हुई ₹5 लाख की बड़ी चोरी का महज कुछ ही घंटों के भीतर सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। घर की रखवाली के लिए छोड़े गए नौकर ने ही अपने साथियों और ड्राइवर के साथ मिलकर इस पूरी वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस को गुमराह करने के लिए नौकर ने अज्ञात बदमाशों द्वारा हाथ-पैर बांधकर चोरी करने की झूठी कहानी गढ़ी थी और चोरी के पैसे डाइट (DIET) के पीछे छिपा दिए थे। साइबर सेल और गांधीनगर पुलिस की मुस्तैदी से इस मामले में एक नाबालिग समेत 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर ₹5 लाख की शत-प्रतिशत रकम बरामद कर ली गई है।
जवाहर मार्केट कॉलोनी निवासी सुभाष अग्रवाल 11 जुलाई 2026 को अपने परिवार के साथ सतरेंगा (कोरबा) घूमने गए हुए थे। उन्होंने अपने सूने घर की रखवाली के लिए घरेलू नौकर ईश्वर यादव को छोड़ रखा था। रात करीब 3:30 बजे प्रार्थी के पड़ोसी ने फोन कर सूचना दी कि ईश्वर यादव बेहद घबराया हुआ उनके पास आया और उसने बताया कि कुछ अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर उसके हाथ-पैर बांध दिए और अलमारी तोड़कर चोरी कर फरार हो गए।
प्रार्थी ने अम्बिकापुर वापस लौटकर देखा तो तिजोरी से ₹5,00,000 (पांच लाख रुपये) गायब थे। इस शिकायत पर गांधीनगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 437/26, बीएनएस (BNS) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में गांधीनगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार द्विवेदी और साइबर सेल की संयुक्त टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने जब घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और घर के नौकर ईश्वर यादव व ड्राइवर संदीप कुमार साहू से कड़ाई से पूछताछ की, तो दोनों टूट गए और अपना जुर्म कबूल कर लिया।
हाथ-पैर बांधने का ड्रामा और डाइट के पीछे छुपाए पैसे
पूछताछ में पता चला कि नौकर ईश्वर यादव और ड्राइवर संदीप कुमार साहू ने अपने दो अन्य साथियों (अनुराग दास और एक नाबालिग) के साथ मिलकर मालिक के बाहर जाने के मौके का फायदा उठाया। घटना की रात योजना के मुताबिक चोरी करने के बाद, नौकर ईश्वर ने खुद के हाथ-पैर बांधे जाने का ड्रामा रचा ताकि पुलिस को उस पर शक न हो।
चोरी की रकम को छिपाने के लिए उन्होंने शातिराना तरीका अपनाया। आरोपी संदीप ने पैसे से भरा झोला अनुराग और नाबालिग को सौंप दिया था, जिन्होंने होंडा शाइन मोटरसाइकिल से ले जाकर
डाइट (DIET) के पीछे बाउंड्री वॉल के पास छुपा दिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर डाइट के पीछे से पूरे ₹5 लाख नगद बरामद कर लिए ।
मामले में संलिप्त नाबालिग आरोपी को पकड़कर माननीय किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया है, जबकि शेष तीनों बालिग आरोपियों—ईश्वर यादव (32 वर्ष), संदीप कुमार साहू (21 वर्ष), और अनुराग दास (19 वर्ष) को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया है।
इस त्वरित और सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी गांधीनगर प्रवीण कुमार द्विवेदी, उप निरीक्षक दिलीप दुबे, साइबर सेल प्रभारी एएसआई अजीत मिश्रा, प्रधान आरक्षक भोजराज पासवान, जयदीप सिंह, विकास सिन्हा, और आरक्षक विकास मिश्रा, मनीष सिंह, सुल्तान अहमद, विकास सिंह, राहुल सिंह, राहुल गुप्ता व रमन मण्डल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





