मैनपाट मे बाइकर गैंग पर पुलिस की कार्रवाई,हुड़दंग मचाने वाले 90 से अधिक बाइक चालकों के काटे चालान

मैनपाट । छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थल और ‘छत्तीसगढ़ के शिमला’ कहे जाने वाले मैनपाट में इन दिनों तेज रफ्तार और मॉडिफाइड साइलेंसर की कानफोड़ू आवाज से हुड़दंग मचाने वाले तत्वों पर पुलिस ने अपना शिकंजा कस दिया है। प्राकृतिक खूबसूरती का लुत्फ उठाने आने वाले पर्यटकों और स्थानीय ग्रामीणों की शांति भंग करने वाले बाइकर गैंग की हरकतों को देखते हुए पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है।
पिछले कुछ दिनों से मैनपाट के प्रमुख मार्गों और पर्यटन पॉइंट पर कुछ युवकों द्वारा समूह बनाकर खतरनाक तरीके से बाइक दौड़ाने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इस पर संज्ञान लेते हुए पुलिस ने विशेष निगरानी अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत पुलिस ने अब तक लगभग 80 से 90 मोटरसाइकिलों पर कड़ी चालानी कार्रवाई की है।
पर्यटन क्षेत्रों और होटलों के आसपास घेराबंदी
पुलिस की यह कार्रवाई विशेष रूप से मैनपाट के उन इलाकों और होटलों के आसपास की गई, जहां ये हुड़दंगी युवक ठहरते हैं और अपनी गतिविधियों को अंजाम देते हैं। पुलिस ने विभिन्न पर्यटन स्थलों और प्रमुख मोड़ों पर अचानक चेकिंग पॉइंट लगाकर संदिग्धों की धरपकड़ की। इस दौरान बिना दस्तावेज, बिना हेलमेट, मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करने वाले और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों को जब्त कर मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है।
स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने ली राहत की सांस
मैनपाट अपनी प्राकृतिक सुंदरता, शांत वादियों और गरिमा के लिए जाना जाता है। ऐसे में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल खराब किए जाने से यहां आने वाले सैलानी बेहद परेशान थे। पुलिस की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यापारियों, ग्रामीणों और पर्यटकों ने राहत की सांस ली है और पुलिस प्रशासन के इस कदम की सराहना की है।
बख्शे नहीं जाएंगे कानून हाथ में लेने वाले: पुलिस
पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि मैनपाट की शांति, सुरक्षा और पर्यटन की गरिमा से समझौता नहीं किया जाएगा। हुड़दंग मचाने, कानून व्यवस्था बिगाड़ने और आम जनता व सैलानियों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। पुलिस ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।







