अम्बिकापुर

एंटी करप्शन ब्यूरो की दबिश: स्थानांतरण के नाम पर भृत्य से रिश्वत वसूलने वाला सहायक ग्रेड-2 गिरफ्तार

अंबिकापुर/जशपुर: छत्तीसगढ़ के महिला एवं बाल विकास विभाग में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई सामने आई है। गुरुवार को अंबिकापुर से पहुंची एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने विभाग के ही एक कर्मचारी की शिकायत पर जाल बिछाते हुए सहायक ग्रेड-2 गिरीश कुमार वारे को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। आरोपी कर्मचारी अपने ही विभाग के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (भृत्य) से उसके तबादले के बदले मोटी रकम की मांग कर रहा था। कार्यालय के भीतर हुई इस अचानक कार्रवाई से पूरे स्टाफ में सनसनी फैल गई और कामकाज के बीच अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया।
पूरे मामले की पृष्ठभूमि भृत्य योगेश शांडिल्य के स्थानांतरण से जुड़ी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, योगेश शांडिल्य वर्तमान में दोकड़ा में पदस्थ था, जिसका स्थानांतरण लोदाम के लिए किया गया था। इस प्रशासनिक प्रक्रिया के बदले सहायक ग्रेड-2 गिरीश कुमार वारे ने उससे 80 हजार रुपए की अनुचित मांग की थी। पीड़ित कर्मचारी ने मजबूर होकर आरोपी को 30 हजार रुपए की पहली किस्त पहले ही दे दी थी, लेकिन आरोपी का लालच यहीं खत्म नहीं हुआ। वह बाकी के 50 हजार रुपए के लिए पीड़ित पर लगातार दबाव बना रहा था और पैसे न देने की स्थिति में काम रुकवाने की धमकी दे रहा था।
भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा तब देखने को मिली जब आरोपी ने पैसे वसूलने के लिए पीड़ित की मोटरसाइकिल को ही अपने कब्जे में ले लिया। आरोपी का कहना था कि जब तक पूरी रकम का भुगतान नहीं होता, वह बाइक वापस नहीं करेगा। इस प्रताड़ना और दबाव से तंग आकर भृत्य योगेश शांडिल्य ने एंटी करप्शन ब्यूरो के पास पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। ब्यूरो ने प्राथमिक जांच में शिकायत को सही पाया और आरोपी को पकड़ने के लिए एक विशेष रणनीति तैयार की।
योजना के तहत, गुरुवार को जैसे ही पीड़ित कर्मचारी 40 हजार रुपए लेकर महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यालय पहुंचा, वहां सादे कपड़ों में तैनात एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम सतर्क हो गई। पीड़ित ने जैसे ही रिश्वत की राशि आरोपी गिरीश कुमार वारे के हाथों में थमाई, टीम ने तत्काल घेराबंदी कर उसे रंगे हाथ धर दबोचा। मौके पर ही आरोपी के हाथ धुलवाए गए, जिसमें नोटों पर लगे रसायनों के कारण उसके हाथ गुलाबी हो गए।
इस कार्रवाई के बाद कार्यालय परिसर में हड़कंप जैसे हालात बन गए और कर्मचारी अपनी सीटों से उठकर बाहर आ गए। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर संबंधित दस्तावेजों को जब्त कर लिया है। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

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