अंबिकापुर : बैंकों में वर्षो से बंद पड़े खातों के लिए लगा शिविर, खाता धारकों के लाखों की जमा राशि का किया गया भुगतान…

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ शासन के वित्त विभाग द्वारा “आपका पूंजी आपका अधिकारी” अभियान के अंतर्गत जिला पंचायत सभा कक्ष में एक महत्वपूर्ण डीईएफ (DEAF) दावा शिविर का आयोजन किया गया। इस विशेष पहल का मुख्य फोकस उन बैंक खातों पर रहा, जिनमें पिछले 10 वर्षों से अधिक समय से किसी भी प्रकार का लेन-देन नहीं हुआ है। कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में आयोजित इस शिविर में निष्क्रिय पड़े खातों को पुनः सक्रिय कर उनमें जमा राशि को असली हकदारों तक पहुँचाने और शासकीय राशि को राजकोष में जमा करने की प्रक्रिया पूरी की गई।
अभियान के दौरान 10 वर्ष से अधिक समय से ‘नॉन-ऑपरेटिव’ रहे खातों को ऑपरेटिव बनाने की दिशा में त्वरित कार्रवाई की गई। शिविर में कुल 4 व्यक्तिगत हितग्राहियों—अजीत मंडल, अमरावती, मोहम्मद मिर्जा अहमद एवं गीता—के प्रकरणों का सफलता पूर्वक निराकरण किया गया। इन खाताधारकों को कुल 9,15,133 रुपये की राशि का सर्टिफिकेट प्रदान किया गया। इस कदम से उन आम नागरिकों को बड़ी राहत मिली है, जिनकी जमा पूंजी लंबे समय से बैंकिंग तकनीकी कारणों से अटकी हुई थी।
व्यक्तिगत दावों के अलावा, विभिन्न शासकीय विभागों के 11 निष्क्रिय खातों का भी निराकरण किया गया। इन खातों में जमा कुल 2,07,66,133 रुपये की राशि को वापस शासन के खाते में जमा कराया गया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि जो योजनाएं बंद हो चुकी हैं, उनकी राशि राजकोष में जमा होगी और संचालित योजनाओं के खातों को सक्रिय कर उस पूंजी का जनहित में उपयोग किया जाएगा।
इस शिविर में भारतीय रिजर्व बैंक रायपुर के महाप्रबंधक, वरिष्ठ कोषालय अधिकारी, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक सहित सेन्ट्रल बैंक ऑफ इण्डिया, स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अधिकारियों ने साझा किया कि 10 साल से बंद पड़े खातों के लिए यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा ताकि बैंकिंग प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और लावारिस पड़ी राशि का सही प्रबंधन हो सके।


