अम्बिकापुर

कार्य में लापरवाही बरतने पर पंचायत सचिव निलंबित; दो रोजगार सहायक सेवा से पृथक और दो के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही

अंबिकापुर / जनपद पंचायत मैनपाट के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा 13 नवंबर 2025 को प्रेषित प्रतिवेदन के आधार पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्यवाही की है। बीते 26 जून 2025 को अनुविभागीय अधिकारी (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा), विकासखंड समन्वयक और तकनीकी सहायक (मनरेगा) द्वारा ग्राम पंचायत पेंट का निरीक्षण किया गया था। इस निरीक्षण के दौरान शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘पीएम जनमन’ के अंतर्गत स्वीकृत आवासों की जियो टैगिंग में गंभीर अनियमितता पाई गई थी। इस संबंध में ग्राम पंचायत पेंट के सचिव पन्नालाल गुप्ता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, परंतु उन्होंने अपना पक्ष रखने हेतु कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया।
उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही को अनुशासनहीनता मानते हुए, जो कि छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (आचरण) नियम 1998 के नियम 3 के विपरीत है, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय अग्रवाल ने पन्नालाल गुप्ता को छत्तीसगढ़ पंचायत सेवा (अनुशासन तथा अपील) नियम 1999 के नियम 4 (क) एवं (ख) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जनपद पंचायत मैनपाट निर्धारित किया गया है और उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता प्राप्त होगा। साथ ही, ग्राम पंचायत राजापुर के सचिव मधिम राम को आगामी आदेश तक ग्राम पंचायत पेंट का अतिरिक्त प्रभार अस्थायी रूप से सौंपा गया है।
इसी क्रम में, मनरेगा कार्यों में लापरवाही बरतने वाले चार रोजगार सहायकों पर भी गाज गिरी है। सीईओ विनय अग्रवाल द्वारा कर्तव्यों के प्रति उदासीनता दिखाने वाले 02 रोजगार सहायकों को पद से पृथक कर दिया गया है, जबकि अन्य 02 रोजगार सहायकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही की जा रही है। प्रशासन की इस सख्त कार्यवाही से जनपद के अन्य कर्मचारियों में हड़कंप व्याप्त है।

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