सूरजपुर

आनलाइन ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति को 8506 रूपये सूरजपुर पुलिस ने वापस दिलाए, साईबर टीम की मदद से मिली रकम, सावधानी बरतने पुलिस की अपील।

सूरजपुर आनलाइन ठगी से रकम गवाने वाले एक व्यक्ति की रकम को पुलिस की साईबर टीम ने होल्ड करा दिया है जो जल्द ही पीड़ित को मिल जाएगी। ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमें बीते दिन कुम्दा कालोनी विश्रामपुर निवासी दीपक कुमार को एक व्यक्ति ने फोन के जरिए क्रेडिट कार्ड की जानकारी देते हुए उसे अपने झांसे में लेकर ओटीपी नंबर पूछा इसके कुछ देर बाद उसेे जानकारी हुई कि इसके क्रेडिट कार्ड से रूपये मोबिक वालेट में ट्रांसफर की गई है जिसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक कार्यालय सूरजपुर को भेजी गई।
आनलाइन ठगी के मामले की सूचना को गंभीरता से लेते हुए पीड़ित के पैसों की जल्द वापस को लेकर पुलिस अधीक्षक सूरजपुर राजेश कुकरेजा ने साईबर टीम को इसकी पूरी डिटेल निकालने, ठगी की रकम जहां है उसे वहां होल्ड कराने एवं पीड़ित के खाते में पैसा वापस करवाने को लेकर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। साईबर टीम ने एसबीआई क्रेडिट कार्ड कंपनी से पूरी जानकारी निकलवाते हुए पीड़ित के साथ हुए ठगी के बारे में ईमेल के माध्यम से अवगत कराया। सूरजपुर पुलिस के साईबर टीम की सक्रियता एवं लगातार प्रयासों के बाद क्रेडिट कार्ड से मोबिक वालेट फिर इक्विटास स्माल फाईनेंस में ट्रांसफर रकम 8506/- रूपये को होल्ड करा दिया गया। *पुलिस अधीक्षक* ने बताया कि रकम को जल्द वापस कराने लगातार साईबर टीम लगी हुई है

पूर्व में फोन पे से ठगी किए रकम पीड़ित को मिले वापस।
पिछले दिनों कृषि विभाग का बोनस के नाम पर फोन पे के जरिए आनलाइन ठगी के शिकार हुए नितिन सिंह के रकम को सूरजपुर पुलिस के द्वारा होल्ड करा दिया गया था जिसमें से उसे 17 हजार रूपये वापस मिल चुके है।

सावधानी बरतने पुलिस के सुझाव

पुलिस अधीक्षक सूरजपुर राजेश कुकरेजा ने वर्तमान परिदृश्य में हो रहे धोखाधड़ी को लेकर सतर्कता बतरने को कहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के मोबाइल में अनजान व्हाटसएप काल आते हैं तो उसे रिसीव ना करें क्योंकि यह लोग लड़की को कैमरे के आगे रखकर अश्लील वीडियों बनाते हैं इसके बाद सामने वाले को ब्लैकमेल करते हैं पैसे की मांग करते है और पैसे नहीं देने पर यूट्यूब और अन्य सोशल मीडिया में अपलोड करने की धमकी देते हैं, ब्लैकमेलिंग का यह नया ट्रेंड चालू हुआ है, इससे सतर्क रहिए और दूसरों को भी आगाह करें। बोनस, लाटरी, क्रेडिट कार्ड, विज्ञापन, मनी ट्रान्सफर, आनलाइन खरीदी पर कैशबैक एवं मोबाइल टावर लगाने के नाम पर किसी के द्वारा पैसों का लालच देकर एटीएम, क्रेडिट कार्ड नंबर अथवा ओटीपी की जानकारी मांगते है तो उनसे सावधान रहे अथवा आप ठगी का शिकार हो सकते है।
इस कार्यवाही में आरक्षक युवराज यादव, रौशन सिंह व विनोद सारथी सक्रिय रहे।

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