परिवार सहित कोविड-19 वैक्सीनेशन का खर्च खुद वहन करेंगे राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारी..

राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों ने अपने और अपने परिवार के टीकाकरण पर होने वाले खर्च को खुद वहन करने का निर्णय लिया है. केंद्र सरकार ने 1 मई से 18 से 45 वर्ष तक के सभी लोगों के टीकाकरण की अनुमति दी है. विदित हो कि केंद्र सरकार सभी राज्यो के 45 वर्ष से ऊपर के लोगों के लिए वैक्सीन निशुल्क उपलब्ध करा रही है जबकि 18 से 45 वर्ष तक के लोगों के टीकाकरण पर होने वाले खर्च राज्य सरकार को उठाना है. छत्तीसगढ़ सरकार ने भी सभी को निशुल्क टीका लगाने की घोषणा की है
इसे देखते हुए राज्य प्रशासनिक सेवा संघ ने कहा कि सभी सदस्य अपने परिवारजनों का सशुल्क टीकाकरण करवाएंगे। शासन के द्वारा चिन्हांकित टीकाकरण केंद्र में जो भी राशि देना होगा उसका भुगतान कर परिवार के सदस्यों का टीकाकरण कराया जाएगा। इससे सरकार का पैसा बचेगा। यह राशि महामारी के नियंत्रण में काम आ सकेगी।
ज्ञात हो कि टीकाकरण की गाइड लाइन के अनुसार सभी सरकारी केंद्रों पर टीकाकरण निशुल्क किया जाना है जबकि निजी अस्पतालों को इसके लिए शुल्क देना होगा. निजी अस्पतालों को देश में वैक्सीन बनाने वाली सिरम इंस्टीट्यूट कोविशिल्ड के लिए 600 रुपए और भारत बायोटेक के कोवैक्सीन के लिए 1200 रुपए का भुगतान करना होगा इस राशि के ऊपर निजी अस्पताल अपने चार्जेस जोड़कर लोगों को वैक्सीन लगाएंगे.
राज्य प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों के इस निर्णय अर्थ है कि अधिकारी वैक्सीनेशन के लिए सरकारी टीका केंद्रों में ना जाकर निजी अस्पतालों की ओर जाएंगे



