छत्तीसगढ़राज्य

प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी तथा 2 साल के धान के बोनस भुगतान सहित अन्य घोषणाओं की वादाखिलाफी को लेकर भाजपा पदाधिकारियों कार्यकर्ताओं ने किया अपने अपने घरों के बाहर धरना प्रदर्शन

अम्बिकापुर छत्तीसगढ़ भाजपा प्रदेश संगठन के आह्वान पर प्रदेश की कांग्रेस सरकार के खिलाफ उनके द्वारा कोरोना संकट के दौरान शराब दुकान खोले जाने व प्रदेश में पूर्ण शराबबंदी तथा दो साल का धान बोनस भुगतान सहित अन्य घोषणाओं की वादा खिलाफी को लेकर आज 12 मई को अपरान्ह 3 से 5 बजे तक अपने अपने घरों में तख्ती लेकर सरगुजा जिले में भी भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने धरना दिया..
*पूर्ण शराबबंदी लागू हो।
*किसानों को 2500/रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से शेष राशि 2 वर्षों के बक़ाया बोनस का भुगतान भुगतान तत्काल किया जाए।
* प्रदेश के बाहर फंसे मजदूरों को वापस लाने की समुचित व्यवस्था की जाए।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष अखिलेश सोनी ने कहा कि गंगाजल हाथ में लेकर लोगों से वादा करके जनसमर्थन हासिल करने वाली सरकार वादाखिलाफी का कीर्तिमान स्थापित कर रही है हम सरकार से मांग करते हैं कि जो वादा उसने किया था पूर्ण शराबबंदी राज्य में लागू हो और शराब दुकानों को तत्काल बंद किया जाए और किसानों से जो वादा किया गया था उनके 2500 रुपए घोषित समर्थन मूल्य में से बचे हुए अंतर की राशि और पिछले 2 वर्षों के बकाया बोनस की राशि का तत्काल भुगतान सरकार करे।
कोरोना महामारी के लोकडौन की अवधि में छत्तीसगढ़ के मजदूर जो अन्य राज्यों में फंसे हुए हैं उनको वापस लाने की समुचित व्यवस्था सरकार तत्काल करे।
साथ ही बेरोजगारी भत्ता सहित अन्य सभी वादे जो सरकार ने जनता से किये थे उन्हें शीघ्र पूरी करे।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष अखिलेश सोनी, भाजपा प्रदेश मंत्री अनुराग सिंह देव, वरिष्ठ नेता अनिल सिंह मेजर, पी आर कश्यप, नगर निगम नेता प्रतिपक्ष प्रबोध मिंज, ललन प्रताप सिंह, भारत सिंह सिसोदिया, विजयनाथ सिंह, प्रशांत त्रिपाठी, लेखराज अग्रवाल, अंबिकेश केशरी, अभिमन्यु गुप्ता, फुलेश्वरी सिंह, राजकुमार अग्रवाल, विद्यानंद मिश्रा, प्रभात खलखो, विनोद हर्ष, संतोष दास, मनोज गुप्ता, निश्चल सिंह, संजय सोनी, आकाश गुप्ता सहित सैंकड़ों भाजपा पदाधिकारी कार्यकर्ताओं ने अपने अपने घरों में तख्ती लेकर दो घंटे धरना प्रदर्शन किया तथा प्रदेश की कांग्रेस सरकार को उनका किया वादा याद दिलाते हुए उसे अविलंब पूरा करने की मांग की..।

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