सूरजपुर

जनपद पंचायत का तुगलकी फरमान.. अब ब्लॉक मुख्यालय में नहीं बल्कि 100 किमी दूर जिला मुख्यालय के निजी बैंक में खाता खोलने पंचायतों पर दबाव.. निजी बैंक पर लग चुका है, कमीशन मिलने के बाद अधिकारियों के इशारे पर पंचायतों के अकाउंट में राशि ट्रांसफर करने का आरोप.. जिलाध्यक्ष प्रतिनिधि ने किया आश्वस्त कहा किसी भी पंचायत को नहीं होगी परेशानी..

प्रतापपुर- 100 से 150 किमी दूर जिला मुख्यालय में जाकर खाता खोलने की तुगलकी फरमान से पंचायत प्रतिनिधि नाराजगी व्यक्त करते हुए जिलाध्यक्ष राजकुमारी-शिवभजन मराबी से मुलाकात कर उक्त समस्याओं से अवगत कराया। जिस पर जिलाध्यक्ष प्रतिनिधि ने शिवभजन मराबी ने पंचायत मंत्री टीएस सिंह देव एवं कलेक्टर सूरजपुर से बात कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया तथा स्थानीय जगह में ही खाता खोलने की मांग की। जिसके बाद शिवभजन मराबी ने पंचायत प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि किसी भी पंचायत को परेशानी नहीं होने दिया जाएगा। पंचायतों के सुविधाओं के हिसाब से ही खाता खोलने का निर्देश दिया जाएगा।

प्राप्त जानकारी के अनुसार केंद्र सरकार ने 14 वां वित्त को बन्द कर 15 वां वित्त योजना शुरू की है जिसके तहत एक बड़ा आबंटन प्रदेश सरकार को भेज दिया है जहां से राशि जिला पंचायतों में भेज दी गई है जहां से राशि पंचायतों के खाते में ट्रांसफर की जाएगी।प्रतापपुर ब्लॉक में यह राशि 101 पंचायतों में 5 करोड़ से भी ज्यादा की है।अब जनपद कार्यालय का एक आदेश पंचायतों के लिए परेशानी का कारण बन सकता है जिसके अनुसार 15 वां वित्त का खाता एक्सिस बैंक सूरजपुर में खोलने का दबाव बनाया जा रहा है।पंचायतों को यह समझ नई आ रहा है कि प्रतापपुर के खाते वहां खोलने क्यों बोला जा रहा है जबकि अन्य योजनाओं के सभी खाते प्रतापपुर में हैं और सभी काम यहीं से होते हैं।जिला मुख्यालय की दूरी भी ब्लॉक मुख्यालाय से 60 किलोमीटर है और बहुत सी पंचायतों से यह दूरी 100 किलोमीटर से भी ज्यादा है।उन्हें बैंकिंग कार्य के लिए लंबा सफर तय करना पड़ेगा जो आसान नहीं होगा, परेशानी तो होगी ही,खर्चीला भी होगा और एक बार आने जाने में एक हजार से ज्यादा का खर्चा होगा।पंचायतों ने जनपद कार्यालय के इस आदेश को गलत बताते हुए विरोध भी चालू कर दिया है और किसी भी कीमत पर खाता सूरजपुर में न खोलने की बात कह रहे हैं।दूसरी तरफ यह चर्चा भी है कि कमीशनखोरी को बढ़ावा देने के लिए यह निर्णय लिया गया है जो पहले स्वच्छ भारत मिशन के खाते के लेन देन में हो चुका है।ब्लॉक के सरपंचों ने इस आदेश और दबाव पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आदेश वापस लेने की मांग की है।

विदित हो कि प्रतापपुर विकासखंड के सरपंच सचिव एक्सिस बैंक की कार्यप्रणाली को लेकर पहले से ही है काफी परेशानी झेल चुके हैं। पूर्व में भी विभागीय अधिकारी के इशारे पर स्वच्छ भारत मिशन के खाते में पंचायतों को राशि जारी होने के बाद भी पंचायत के खातों में राशि की एंट्री नहीं करने तथा कमीशनखोरी जैसी गंभीर बातें सामने आ चुकी हैं।

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