मैनपाट: करोड़ों की सरकारी जमीन निजी नाम कराने का मामला, कागजी कूटरचना पर आजाद इराकी समेत 5 पर होगी FIR

अम्बिकापुर / कलेक्टर सरगुजा ने तहसील मैनपाट के ग्राम केसरा में स्थित भूमि खसरा नम्बर 1378 रकबा 3.46 हे. से संबंधित मामले में तहसीलदार मैनपाट के जांच प्रतिवेदन के आधार पर आजाद इराकी सहित कुल 5 व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश तहसीलदार मैनपाट को दिए हैं।
उपरोक्त भूमि के सम्बंध में यह शिकायत प्राप्त हुई कि ग्राम केसरा तहसील मैनपाट स्थित शासकीय भूमि रिनम्बरिंग खसरा नम्बर 1378 रकबा 3.46 हे. को राजस्व अभिलेख में कुटरचना कर अवैध रूप से निजी व्यक्ति के नाम दर्ज करा लिया गया है तथा उक्त भूमि को किसी अन्य निजी व्यक्ति के पास रजिस्ट्री कर दिया गया है। शिकायत प्राप्त होने के पश्चात शिकायत को समय सीमा में दर्ज कर तहसीलदार मैनपाट से जांच प्रतिवेदन मंगवाया गया। जांच प्रतिवेदन से यह स्पष्ट है कि 1954-55 के अधिकार अभिलेख का अंतिम खसरा नम्बर 650 है। अतः अधिकार अभिलेख में खसरा नम्बर 1378 की प्रविष्टि नहीं हो सकती। खसरा नम्बर 1378 रिनम्बरिंग खसरा नम्बर है, जो पहली बार 1995-96 में राजस्व दस्तावेजों में आया है।
अतः प्रकरण से स्पष्ट है कि 1954-55 के अधिकार अभिलेख में खसरा नम्बर 1378 की प्रविष्टि बाद में कूट रचना कर विजय सिंह आ.चन्द्रचरण सिंह के नाम पर की गई। जिस भूमि को विजय सिंह आ. चन्द्रचरण सिंह के मुख्तार आम दिलीप चिकवा पिता रामप्रसाद चिरवा तथा तुलेश्वर गुप्ता पिता गणेश गुप्ता के द्वारा आजाद इराकी पिता रियाजुददीन इराकी, अनुपम कुमार सिंह पिता रामा शंकर सिंह को रजिस्ट्री किया गया।
बंदोबस्त वर्ष 1995-96 में भी खसरा नम्बर 1378 शासकीय भूमि के रूप में छोटे झाड़ जंगल मद में ही दर्ज है। इससे भी यह स्पष्ट है कि 1954-55 के अधिकार अभिलेख में निजी भूमि के रूप में खसरा नम्बर 1378 की प्रविष्टि कूट रचना कर की गई है।
माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशानुसार किसी भी तरह की वन भूमि का हस्तांतरण वन संरक्षण अधिनियम 1980 के प्रावधानों तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार ही हो सकता है।
अतएव उपरोक्त प्रकरण में आजाद इराकी पिता रियाजुद्दीन इराकी निवासी जयनगर सहित कुल 5 क्रेता और विक्रेताओं के विरुद्ध तहसीलदार मैनपाट को प्राथमिकी दर्ज कराए जाने हेतु निर्देशित किया गया है। साथ ही राजस्व दस्तावेजों में अवैध प्रविष्टि को विलोपित किए जाने हेतु राजस्व अधिकारी को निर्देशित किया गया है।





