3 करोड़ की धोखाधड़ी करने वाला अनशिवआर्या फाउण्डेशन ग्रुप कंपनी का संचालक गिरफ्तार, अंबिकापुर की शिक्षिका सहित दस लोगों को बनाया शिकार

अंबिकापुर । गांधीनगर पुलिस ने लोन दिलाने और किश्त खुद चुकाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपी ने अनशिवआर्या फाउण्डेशन ग्रुप कंपनी के माध्यम से एक शिक्षिका से 28 लाख रुपये और उसके अलावा नौ अन्य लोगों से लगभग तीन करोड़ रुपये की ठगी की है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्यवाही करते हुए उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस लगातार प्रयास कर रही है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, सरगवां निवासी दिव्या एक्का जो राजपुर ब्लॉक में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं, उन्होंने गांधीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता जुलाई 2024 में जमीन खरीदकर मकान बनाने के लिए 15 लाख रुपये का लोन लेने का प्रयास कर रही थी। इस दौरान उनकी मुलाकात एक ऐसे व्यक्ति से हुई जो लोन दिलाने का काम करता था। उस व्यक्ति ने पीड़िता को अनशिवआर्या फाउण्डेशन ग्रुप कंपनी के संचालक शिवशंकर दास निवासी चंगोरी बरियों जिला बलरामपुर और उसके सहयोगियों के बारे में बताया। आरोपी ने पीड़िता को विश्वास दिलाया कि उनकी बैंक में अच्छी पकड़ है और वे बहुत जल्द लोन स्वीकृत करा देंगे।
आरोपी और उसके साथियों ने पीड़िता को कंपनी की एक फर्जी और लुभावनी स्कीम का लालच दिया। उन्होंने कहा कि कंपनी जो भी लोन दिलाएगी, उसका 60 प्रतिशत हिस्सा कंपनी के पास जमा रहेगा और 40 प्रतिशत पीड़िता को मिलेगा, लेकिन लोन की पूरी मासिक किश्त कंपनी खुद भरेगी। इस झांसे में आकर पीड़िता ने अपने आवश्यक दस्तावेज जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड, फॉर्म नंबर 16, सैलरी स्लिप और बैंक स्टेटमेंट आरोपी को दे दिए। इसके बाद आरोपियों ने पीड़िता के नाम पर आईसीआईसीआई बैंक, बैंक ऑफ इण्डिया और एचडीएफसी बैंक से कुल 41.08 लाख रुपये का लोन स्वीकृत कराकर उनके खाते में ट्रांसफर करा दिया। लोन राशि आते ही आरोपी लगातार पैसे कंपनी में भेजने का दबाव बनाने लगे और अलग-अलग खातों में कुल 28 लाख रुपये ट्रांसफर कराकर धोखाधड़ी की।
शिक्षिका की शिकायत पर मामला दर्ज कर गांधीनगर पुलिस ने विवेचना शुरू की। इस दौरान आरोपी शिवशंकर दास को पुलिस द्वारा नोटिस दिया गया था, लेकिन उसने नोटिस की शर्तों का पालन नहीं किया। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने अपने मेमोरेण्डम कथन में स्वीकार किया कि वह क्रेसर का संचालन करता है और क्रेसर में भारी नुकसान होने के कारण उसे पैसों की सख्त जरूरत थी। इसी नुकसान की भरपाई के लिए उसने अपनी संस्था के माध्यम से पीड़िता को फर्जी स्कीम का झांसा देकर लोन कराया था और 28 लाख रुपये अपने परिचितों के खातों में ट्रांसफर करवा लिए थे। आरोपी ने शुरुआत में कुछ किश्तें जमा कीं, लेकिन बाद में बंद कर दीं।
पूछताछ में यह भी खुलासा हुआ कि आरोपी शिवशंकर दास और उसके सहयोगियों ने मिलकर पीड़िता के अलावा क्षेत्र के नौ अन्य लोगों को भी इसी तरह लोन का झांसा देकर करीब तीन करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी की है। अपराध साबित होने और गुनाह कबूल करने के बाद गांधीनगर पुलिस ने आरोपी शिवशंकर दास पिता राजू दास, उम्र 40 वर्ष, निवासी किशुनपुर थाना धौरपुर जिला सरगुजा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। इस पूरी कार्यवाही में गांधीनगर थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी, अभिषेक दुबे, दीनदयाल सिंह और सुल्तान अहमद की मुख्य भूमिका रही।





