सरगुजा संभाग का अनोखा ठग :फेसबुक, इंस्टाग्राम पर ‘हैंडसम’ प्रोफाइल लगाकर करता था लड़कियों से दोस्ती, मिलने पर लूट लेता था मोबाइल और पैसे, 17 वर्षीय नाबालिग गिरफ्तार

पुलिस ने सोशल मीडिया पर एक फर्जी प्रोफाइल बनाकर नाबालिग लड़कियों को ठगने वाले 17 वर्षीय लड़के को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को हैंडसम दिखाकर लड़कियों से दोस्ती करता था और फिर मिलने के बहाने बुलाकर उनके मोबाइल फोन और पैसे लूट लेता था। यह जानकारी जशपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने दी।
ठगी का तरीका
थाना कुनकुरी और नारायणपुर क्षेत्र में दो नाबालिग पीड़िताओं ने क्रमशः 03.07.2025 और 04.07.2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िताओं के अनुसार, उन्हें एक फर्जी फेसबुक और इंस्टाग्राम आईडी से फ्रेंड रिक्वेस्ट आई थी, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया। आरोपी चैटिंग के दौरान लड़कियों को झांसे में लेता था और फिर मिलने के लिए बुलाता था।
पहली घटना में, 26.06.2025 को आरोपी ने कुनकुरी थाना क्षेत्र में एक नाबालिग पीड़िता को शाम करीब 7:30 बजे मिलने बुलाया। वह नकाब पहनकर मोटरसाइकिल से आया और पीड़िता को एक सुनसान जगह ले गया। जब उसने नकाब हटाया, तो लड़की घबरा गई क्योंकि वह फेसबुक प्रोफाइल पिक से अलग दिख रहा था। पीड़िता भागने लगी, लेकिन आरोपी ने उसे पकड़ लिया और धमकी देकर उसका ₹11,000 का मोबाइल फोन लूट लिया।
दूसरी घटना 30.06.2025 को हुई, जब आरोपी ने दुलदुला थाना क्षेत्र की एक पीड़िता को नारायणपुर की ओर एक पर्यटक स्थल घुमाने के बहाने मोटरसाइकिल पर बिठाया। उसने अपने चेहरे पर गमछा बांध रखा था। नारायणपुर पहुंचने पर जब आरोपी ने गमछा हटाया, तो पीड़िता ने पहचान लिया कि यह वह व्यक्ति नहीं है जिसकी फोटो फेसबुक प्रोफाइल पर थी। पीड़िता डरकर भागने लगी, लेकिन आरोपी ने उसे धमकाकर उसका मोबाइल फोन और ₹2,000 लूट लिए। इसके बाद, आरोपी ने पीड़िता के मोबाइल से पासवर्ड रीसेट कर ₹25,000 का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन किया और अपने एक दोस्त के खाते में भी ₹5,000 ट्रांसफर कर दिए।
दोनों लूट की घटनाओं में समानता और लगातार होने के कारण, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह ने आरोपी की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष टीम का गठन किया, जिसमें पुलिस की टेक्निकल टीम भी शामिल थी। पुलिस ने फर्जी फेसबुक आईडी और इस्तेमाल किए गए यूपीआई ट्रांजेक्शन आईडी की जांच की। बैंक से संपर्क करने पर पता चला कि ट्रांजेक्शन कुनकुरी थाना क्षेत्र के एक 17 वर्षीय नाबालिग द्वारा किया गया था।
पुलिस को संदेह है कि आरोपी ने इसी तरह की और भी घटनाओं को अंजाम दिया है। आरोपी के जब्त किए गए मोबाइल फोन के डेटा और उसके द्वारा संचालित फेसबुक आईडी की जांच की जा रही है, जिससे भविष्य में और भी मामले उजागर होने की संभावना है।
मामले की कार्रवाई और आरोपी की गिरफ्तारी में साइबर सेल से निरीक्षक मोरध्वज देशमुख, उप निरीक्षक नसीरुद्दीन अंसारी, प्रधान आरक्षक अनंत मिराज किस्पोट्टा, आरक्षक अनील सिंह, और थाना नारायणपुर से थाना प्रभारी निरीक्षक आर. एस. पैंकरा, उप निरीक्षक आर. के कश्यप, सैनिक ओमप्रकाश यादव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने युवाओं से सोशल मीडिया का इस्तेमाल सावधानी से करने और अनजान लोगों को फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार करने से पहले सतर्क रहने की अपील की है।





