चीन ने ताइवान की सीमा पर दागी 11 मिसाइलें, 5 मिसाइल गिरी जापान सीमा के अंदर, जापान और चीन के बीच बढ़ा तनाव

चीन की धमकियों के बीच अमेरिकी सदन की स्पीकर नैंसी पेलोसी ताइवान पहुंची अमेरिकी स्पीकर के ताइवान दौरे से बौखलाए चीन के विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा है कि अमेरिका खतरनाक जुआ खेल रहा है और अब जो गंभीर परिणाम होंगे उसकी जिम्मेदारी अमेरिका को लेनी होगी.चीन लगातार नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे का विरोध कर रहा था. चीन का कहना है कि अमेरिका अबतक ‘वन चाइना’ के सिद्धांत को फॉलो करता रहा है, ऐसे में अब ताइवान के अलगाववाद को समर्थन करना अमेरिका का वादा तोड़ने जैसा है. चीन और ताइवान के बीच का तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। इसी बीच ताइवान की सीमा पर चीन द्वारा अब तक का सबसे बड़ा युद्धाभ्यास किया जा रहा है इस दौरान एक कदम आगे बढ़ाकर चीन ने 11 मिसाइलें दागी। जिसकी पुष्टि ताइवान की सरकार ने की है। उनके आसपास के इलाकों की तरफ ये मिसाइलें फायर हुई हैं, लेकिन कहा जा रहा है कि इन मिसाइलों की लैंडिंग जापान में हुई। इस बारे में जापान के रक्षा मंत्री की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि चीन की तरफ से दागीं गईं पांच मिसाइलें जापान के इलाके में गिरी हैं।
जापान के रक्षा मंत्री नोबुओ किशी ने संवादाता सम्मेलन में कहा कि चीन द्वारा दागी गई नौ बैलिस्टिक मिसाइलों में से पांच मिसाइले जापान के क्षेत्र में गिरीं। जापान ने चीन के इस कदम का विरोध किया है। रक्षा मंत्री किशी ने कहा कि यह एक गंभीर मामला है और उन्होंने इसे जापान की राष्ट्रीय सुरक्षा और नागरिकों की सुरक्षा को प्रभावित करने वाला करार दिया है।
रक्षा मंत्री ने आगे कहा कि ऐसा पहली बात है जब चीनी बैलिस्टिक मिसाइलें जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र में गिरी। जापान के जिस आर्थिक क्षेत्र के पास चीनी मिसाइलें गिरी हैं वह क्षेत्र जापान के समुद्र तट से 200 समुद्री मील दूर है। ताइवान की सीमा पर मिसाइलें दागने को ताइवान के रक्षा मंत्रालय ने इसे क्षेत्रीय शांति को कमजोर बनाने वाला कदम और इसे तर्कहीन कार्रवाई बताया है।





