छत्तीसगढ़बलरामपुरराज्यसरगुजा संभाग

उत्तरप्रदेश से छतीसगढ़ में तेंदूपत्ता खपाने के फिराक में आठ मोटर सायकल समेत तीस हजार के तेंदूपत्ता पकड़ने में विभाग को मिली सफलता

वाड्रफनगर बलरामपुर — वन परिक्षेत्र रघुनाथनगर अंतर्गत वन विभाग को बड़ी सफलता मिली है।बीती रात उत्तरप्रदेश से छतीसगढ़ में तेंदूपत्ता खपाने के फिराक में आठ मोटर सायकल समेत तीस हजार के तेंदूपत्ता को पकड़ने में विभाग को सफलता मिली है।


तस्करी की संभावना को देखते हुए वन मंडल अधिकारी प्रणय मिश्रा के निर्देशन एवं संयुक्त वन मंडल अधिकारी वाड्रफनगर श्याम सिंह देव एवं आरबी पटेल उप प्रबंध संचालक बलरामपुर के मार्गदर्शन में सीमावर्ती क्षेत्रों में सतत निगरानी की जा रही है उसी दरमियान उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे बभनी चरचरी बलंगी झापर मैं गस्ती के दौरान 8 मोटरसाइकिल पर लगभग 72 सौ गड्डी तेंदूपत्ता अवैध रूप से उत्तर प्रदेश से लाते हुए बुधराम प्रसाद पिता रूद्र प्रसाद भोलेनाथ पिता जयश्री राकेश पिता पन्ने लाल निवासी मैनहवा पोस्ट जराहा तहसील दुद्धी जिला सोनभद्र उत्तर प्रदेश एवं राकेश केसरी पिता सुभाष निवासी बलंगी व संतोष पिता ललन राम निवासी गुडुरु और सत्यनारायण पिता भोलाराम तेली रघुनाथनगर राधेश्याम पिता देव लाल तेली रघुनाथनगर विकास पिता सूरज लाल केसरी बलंगी को अवैध परिवहन करते पकड़ा गया है जिसकी कीमत 28800 रुपए बताई गई है जिसको सीमावर्ती फड़ो रात में ही खपाया जाता सभी जप्त वाहनों को अवैध वनोपज के परिवहन के कारण छत्तीसगढ़ तेंदूपत्ता व्यापार विनयमन अधिनियम 1964 के विभिन्न धाराओं के तहत राजसात की कार्रवाई की गई है।

दरअसल बलरामपुर जिला तीन प्रदेश की सीमाओं से लगा हुआ है यहां तेंदूपत्ता संग्रहण के दौरान प्रदेश के बाहर से छत्तीसगढ़ में खपाने हेतु लोग तेंदूपत्ता लेकर छत्तीसगढ़ में जाया करते हैं वही कुछ ही स्थानीय लोगों की मिलीभगत से दूसरे प्रदेश के पत्तों को यहां खापाने की फिराक में रहते हैं लेकिन बीती रात वन परिक्षेत्र रघुनाथनगर अंतर्गत उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे ग्राम बभनी,झापर, में विभाग ने 8 बिचौलियों से 30 हजार की कीमत की पत्ती व 8 नग मोटरसाइकिल जब्त की है।इस संबंध में विभाग के एसडीओ श्याम सिंह देव ने बताया कि लाकडाउन के कारण प्रदेश में आवागमन के सभी रास्ते बंद कर दिए गए हैं जेसीबी से उन्हें खुदवा दिया गया है।
इस वर्ष तेंदूपत्ता खरीदी का दर छत्तीसगढ़ में 4 हजार रुपए मानक बोरा है वही मध्यप्रदेश में 25 सौ रुपए और उत्तर प्रदेश में 1800 रुपए एवं झारखंड में 1680 रुपए मानक बोरा है। यही कारण है कि छत्तीसगढ़ में ज्यादा रेट होने के कारण बिचौलिए अन्य राज्यों की पत्तियां स्थानीय निवासियों के कार्ड के मार्फत यहां खपाने का प्रयास करते हैं। सभी पकड़े गए वाहनों को राजसात की कार्यवाही की गई। कार्यवाही के दौरान वाड्रफनगर परीक्षेत्र के एसडीओ,उप प्रबंध संचालक तेंदूपत्ता संग्रहण आरबी पटेल, वन परिक्षेत्र अधिकारी रघुनाथनगर सहित वन विभाग का अमला सक्रिय रहा।

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