सरगुजा पुलिस की संवेदनशीलता: संगम चौक पर मिले दो भटके मासूम, चंद घंटों में सुरक्षित परिजनों को सौंपा

अंबिकापुर । सरगुजा पुलिस ने अपनी संवेदनशीलता और मुस्तैदी का परिचय देते हुए दो भटके हुए मासूम बच्चों को महज कुछ ही घंटों के भीतर उनके परिजनों से सकुशल मिला दिया। बच्चों को सुरक्षित पाकर परिजनों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने सरगुजा पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल (भा.पु.से.) के सख्त और स्पष्ट दिशा-निर्देश हैं कि गुम एवं लावारिस बालकों के मामलों में समस्त थाना-चौकी प्रभारी त्वरित और संवेदनशील कार्यवाही करें। इसी क्रम में, थाना कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत संगम चौक, अंबिकापुर में दो बच्चे लावारिस हालत में घूमते हुए पाए जाने की सूचना मिली।
सूचना मिलते ही थाना कोतवाली पुलिस टीम और आसपास के जागरूक नागरिकों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों नाबालिग बच्चों को सुरक्षार्थ तत्काल थाने पहुंचाया।
थाना पहुंचने के बाद पुलिस टीम ने बच्चों से बेहद आत्मीयता से बातचीत की और उनके निवास स्थान तथा परिजनों के संबंध में जानकारी जुटाने का प्रयास किया। पुलिस ने प्राप्त जानकारियों के आधार पर तुरंत आसपास के क्षेत्रों एवं संभावित ठिकानों पर बच्चों के परिजनों की पता-साजी शुरू की।
थाना कोतवाली पुलिस की इस त्वरित और समन्वित कार्रवाई का सकारात्मक परिणाम यह निकला कि महज कुछ ही घंटों के भीतर बच्चों के परिजनों का पता चल गया। परिजनों के थाना पहुंचते ही दोनों बच्चों को सकुशल उनके सुपुर्द कर दिया गया।
इस पूरी संवेदनशील और मानवीय कार्यवाही को अंजाम देने में थाना प्रभारी कोतवाली उप निरीक्षक अखिलेश सिंह, प्रधान आरक्षक सतीश सिंह, आरक्षक कुश सोनी तथा नगर सैनिक संतोष पाठक की सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका रही। सरगुजा पुलिस की इस पहल की आम जनता के बीच जमकर सराहना हो रही है।





