गांधी चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा क्षतिग्रस्त करने वाले नाबालिको की पहचान,

अम्बिकापुर । शहर के गांधी चौक पर स्थापित महात्मा गांधी की प्रतिमा के साथ तोड़फोड़ कर उसे क्षतिग्रस्त करने के मामले में सरगुजा पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के दिशा-निर्देश पर कार्रवाई करते हुए गांधीनगर पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दो विधि से संघर्षरत (नाबालिग) बालकों की पहचान की है, जिनके खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जा रही है
यह मामला 15 जून 2026 का है, जब गांधी चौक स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा को क्षतिग्रस्त किए जाने की सूचना गांधीनगर थाना पुलिस को मिली। पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर देखा कि चौराहे पर स्थापित प्रतिमा का दाहिना हाथ, छड़ी और चश्मा टूटा हुआ था और उसके अवशेष आसपास बिखरे पड़े थे।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1), 299, 324(5) और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की थी।
जांच के दौरान पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज देखने पर पता चला कि दो बच्चों ने खेलते-खेलते प्रतिमा के हाथ और छड़ी के हिस्से को तोड़कर अलग कर दिया और वहां से फेंक दिया। पुलिस ने दोनों नाबालिगों की पहचान कर ली है। इनमें से एक की तलाश और आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।
नगर निगम अम्बिकापुर और संबंधित विभागों से तालमेल बिठाकर क्षतिग्रस्त प्रतिमा को दोबारा ठीक करने और पुनर्स्थापना की कार्रवाई की जा रही है।





