सीतापुर में प्रशासनिक और राजनीतिक सरगर्मी तेज, नायाब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी पर पूर्व पार्षद महिला प्रत्याशी ने लगाया गलत नीयत से”मदद के बदले साथ” का संगीन आरोप…
अंबिकापुर । सरगुजा जिले का सीतापुर क्षेत्र इन दिनों प्रशासनिक और राजनीतिक विवादों का केंद्र बन गया है। बीते कल सीतापुर विधायक रामकुमार द्वारा नायाब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के साथ की गई मारपीट का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि अब उक्त अधिकारी के खिलाफ एक नया और बेहद गंभीर मामला सामने आ गया है। नगरीय निकाय चुनाव के दौरान सहायक चुनाव अधिकारी रहे नायाब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी पर एक महिला प्रत्याशी ने पद का दुरुपयोग करने और ‘गलत मंशा’ से समय बिताने का दबाव बनाने का संगीन आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस संबंध में सीतापुर थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
शिकायती आवेदन के अनुसार क्या है पूरा मामला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, नगर पंचायत सीतापुर के वार्ड क्रमांक 10 की निवासी और तत्कालीन पार्षद प्रत्याशी श्रीमती नीरू मिस्त्री (उम्र 53 वर्ष) ने पुलिस को सौंपे शिकायती पत्र में उल्लेख किया है कि नगरीय निकाय निर्वाचन 2024-2025 के दौरान उन्होंने पार्षद पद के लिए नामांकन दाखिल किया था। आवेदिका का आरोप है कि उसी दौरान उनके विपक्ष में एक अन्य महिला प्रत्याशी ने भी नामांकन भरा था। तत्कालीन नायाब तहसीलदार और सहायक चुनाव अधिकारी तुषार मानिकपुरी ने कथित तौर पर इस स्थिति का फायदा उठाने का प्रयास किया।
विपक्षी का नामांकन निरस्त करने के बदले मांगा ‘साथ’
महिला प्रत्याशी द्वारा थाने में दिए गए आवेदन के मुताबिक, नायाब तहसीलदार ने उनके पास एक प्रस्ताव भेजा था कि वह उनके विरोध में चुनाव लड़ रही प्रत्याशी का नामांकन निरस्त कर देंगे, लेकिन इसके बदले में पीड़िता उन्हें कब समय दे रही हैं?
आवेदन में आरोप है कि जब महिला ने अपने बेटे को बात करने के लिए भेजने की बात कही, तो अधिकारी ने कथित रूप से कहा, “उससे नहीं, आपसे काम है। मेरे साथ समय बिताने के लिए कब समय दे रही हो?
लोक-लाज और सदमे के कारण रिपोर्ट में हुई देरी
पीड़िता ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि उन्होंने तत्कालीन समय पर अधिकारी को मर्यादा का पाठ पढ़ाते हुए कहा था कि वह उनके बच्चों की उम्र के हैं और समाज में भाई-बेटे का भी रिश्ता होता है। इस घटना से पीड़िता मानसिक रूप से बेहद आहत हुईं और सामाजिक प्रतिष्ठा व लोक-लाज के डर से लंबे समय तक सदमे में रहीं, जिसके कारण अब जाकर उन्होंने पुलिस के समक्ष अपनी बात रखी है। आवेदिका ने क्षेत्र में महिलाओं के साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार का हवाला देते हुए अधिकारी के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई और प्राथमिकी (FIR) दर्ज करने की मांग की है।
कल विधायक के साथ हुआ था विवाद
गौरतलब है कि यह नया विवाद ठीक उस घटना के अगले दिन सामने आया है, जब कल ही सीतापुर विधायक रामकुमार द्वारा नायाब तहसीलदार तुषार मानिकपुरी के साथ कथित तौर पर मारपीट की गई थी, जिसे लेकर कल भी समाचार प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। 24 घंटे के भीतर आए इन दो बड़े घटनाक्रमों (पहले विधायक के साथ मारपीट का विवाद और अब महिला प्रत्याशी द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप) ने स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मचा दिया है।






