शासकीय राजमोहिनी कन्या महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक गिरफ्तार, छात्रा को अश्लील मैसेज भेजने और शादी तुड़वाने का आरोप…

Ambikapur । सरगुजा जिले के अंबिकापुर स्थित शासकीय राजमोहिनी कन्या महाविद्यालय में पदस्थ एक सहायक प्राध्यापक द्वारा छात्रा को मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर मामला सामने आया है। पीड़िता की रिपोर्ट पर कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी प्राध्यापक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। घटना का विवरण देते हुए पीड़िता ने बताया कि शासकीय राजमोहिनी कन्या महाविद्यालय के इतिहास विषय में पदस्थ सहायक प्राध्यापक डॉ. चंद्र किशोर कौशल उसे वर्ष 2025 से व्हाट्सएप पर मैसेज भेजकर परेशान कर रहा था। शुरुआत में छात्रा शिष्टाचार के नाते उन संदेशों का जवाब दे देती थी, लेकिन अक्टूबर-नवंबर 2025 के दौरान आरोपी की हरकतें अनियंत्रित हो गईं और वह छात्रा को अश्लील फोटो व अभद्र भाषा वाले संदेश भेजने लगा।
आरोपी की इन अश्लील हरकतों से परेशान होकर पीड़िता ने उसका मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया और पूरी घटना की जानकारी अपने परिजनों सहित महाविद्यालय प्रबंधन को दी। शिकायत के बाद महाविद्यालय प्रबंधन द्वारा आरोपी को छात्रा को परेशान न करने की सख्त चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन इसका आरोपी पर कोई सकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ा। प्रबंधन से शिकायत होने के बाद आरोपी डॉ. चंद्र किशोर कौशल और अधिक आक्रोशित हो गया और उसने पीड़िता को पहले से ज्यादा प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। इस प्रताड़ना का चरम तब देखने को मिला जब पीड़िता का विवाह आगामी 1 मई 2026 को तय हुआ था, लेकिन आरोपी ने षड्यंत्र रचकर वर पक्ष के लोगों को पीड़िता के विरुद्ध गुमराह किया और भ्रामक जानकारी देकर उसका रिश्ता तुड़वा दिया।
घटनाक्रम यहीं नहीं रुका, बल्कि 27 फरवरी 2026 को जब पीड़िता कहीं जा रही थी, तब आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर उसे एक सुनसान स्थान पर रोक लिया। वहां आरोपी ने पीड़िता के साथ अभद्रता की और उसके पास मौजूद एक सैमसंग अल्ट्रा तथा एक विवो कंपनी का मोबाइल फोन जबरन छीनकर फरार हो गया। इस लगातार हो रहे अपमान, मानसिक पीड़ा और सामाजिक दबाव के कारण पीड़िता ने अंततः थाना अंबिकापुर में मामले की लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए थाना कोतवाली में अपराध क्रमांक 160/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं एवं आई.टी. एक्ट की धारा 67 के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।
विवेचना के दौरान कोतवाली पुलिस ने महाविद्यालय के प्राचार्य से आरोपी के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की और उसकी तलाश में लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी। पुलिस के बढ़ते दबाव और गिरफ्तारी के डर से आरोपी डॉ. चंद्र किशोर कौशल ने 4 मई 2026 को माननीय न्यायालय अंबिकापुर में आत्मसमर्पण कर दिया। इसके पश्चात पुलिस ने न्यायालय से आवश्यक अनुमति प्राप्त कर आरोपी को विधिवत गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपी की पहचान बाबूपारा अंबिकापुर निवासी डॉ. चंद्र किशोर कौशल, पिता सुभाष राम के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। इस पूरी विवेचना और गिरफ्तारी की कार्यवाही में थाना प्रभारी निरीक्षक शशिकांत सिन्हा के नेतृत्व में आरक्षक बृजेश राय, अहसान फिरदौसी और नितिन सिन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।


