शिक्षकों का सम्मान समारोह

रामानुजगंज- ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय रामनुजगंज में स्थित सेवाकेन्द्र के द्वारा ‘‘शिक्षक दिवस‘‘ के अवसर पर शिक्षकों का सम्मान समारोह किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित कर के किया गया। जिसमें सभी स्कूल के प्राचार्य व शिक्षक उपस्थित हुए थे। जिसमें स्वामी आत्मानन्द स्कूल के प्राचार्य श्री हरिओम् गुप्ता ने संस्था की सराहना की और उन्होंने बताया कि प्राचीन काल में गुरूकुल हुआ करता था, जहां पर जाकर विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करते थे और जीवन जीने की पद्धति समझते थे। आज के युग में स्कूल है, जहां पर बच्चा जाकर शिक्षा प्राप्त करते हैं और जीवन यापन करते हैं। शिक्षा जीवन जीने की कला है।

वहीं साईं बाबा स्कूल के प्राचार्य मनोज भाई ने संस्था से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। और उन्होनें बताया कि सेवा वह नहीं है जो किसी स्वार्थ भाव से हो, सेवा वह है जो पूर्णतः निःस्वार्थ हो। उन्होनें सभी शिक्षकों से निःस्वार्थ भाव से सेवा करने की अपील किए। स्मार्ट पब्लिक स्कूल प्राचार्य श्री जय कुमार रवि जी ने शांति और खुशी के बारे में बताया कि हमें अपने जीवन में शांत और खुश रहकर हर कार्य करना चाहिए। मा0शा0 विद्यालय के प्राचार्य निलम पाण्डे जी ने गृहस्थ जीवन के बारे में बताय कि आज घर-घर में रावण और कंस हैं। उन्होनें सभी बच्चों के माता-पिता से अपिल किए कि हर एक बच्चों को अच्छा संस्कार देना चाहिए। क्योकि बच्चें ही देश का भविष्य होते हैं। शा0 कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक श्री विनीत पाठक जी ने ब्रह्माकुमारी संस्था के बारे में बतायाकि यह संस्था समाज कल्याण के लिए अच्छा कार्य कर रही है।
ब्रह्माकुमारी संजू दीदी ने गीत के माध्यम से संदेश दिया कि जिस भारत की कल्पना हम स्वर्णिम युग से करते थे वो भारत आज कितना बदल गया है। यदि हम पुनः स्वर्णिम भारत की कल्पना चाहते हैं तो हमें अपने जीवन में दिव्य गुणों की धारणा करनी होगी। और उन्होनें मेडिटेशन करा कर सभी को सुख, शांति की अनुभूति कराये। सभी शिक्षकों को फुलमाला पहनाकर एवं श्रीफल, इश्वरीय साहित्य, इश्वरीय वरदान भेंट कर रामानुजगंज के महाविद्यालयों एवं विद्यालयों से उपस्थित शिक्षविदों का सम्मान किया गया। इस शुभ अवसर पर ब्रह्माकुमारी लीला बहन ने ऐ मत कहो खुदा से इस गीत को प्रस्तुत कर सबका उमंग उत्साह को बढ़ाया। खुशी एवं उनके साथियों ने नृत्य प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन ब्रह्माकुमारी उमा दीदी ने किया। आगे उन्होनें बताया कि शिक्षकों के लिए 7 दिवसीय तनाव मुक्ति राजयोग षिविर का आयोजन किया गया है। जिसका समय प्रातः 9 से 10 बजें तथा संध्या 7 से 8 बजे रखा गया है।





