टीकाकरण मे आरक्षण पर हाईकोर्ट ने दिया छत्तीसगढ़ सरकार को झटका, बीमारी अमीरी- गरीबी देख कर नहीं आती..2 दिन में बनाएं नीति..अगली सुनवाई शुक्रवार को

प्रदेश में 18 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों के टीकाकरण में आरक्षण को लेकर हाई कोर्ट में दायर याचिकाओं पर आज मंगलवार को हाई कोर्ट की डबल बेंच ने सुनवाई की. सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने टीकाकरण में आरक्षण पर सख्त ऐतराज जताते हुए कहा कि टीकाकरण में इस प्रकार का भेदभाव जायज नहीं है. हाई कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को 2 दिन मे नीति बनाने का निर्देश दिया मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी।
दरअसल जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रदेश अध्यक्ष अमित जोगी ने राज्य शासन द्वारा टीकाकरण में आरक्षण लागू करने के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी। उनके द्वारा हाई कोर्ट में इस संबंध में दायर पांच अलग-अलग याचिकाओं के साथ इसे भी हस्तक्षेप याचिका मानकर सुनवाई करने का आग्रह किया गया था जिस पर मंगलवार को हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस पीआर रामचंद्र मेनन व जस्टिस पीपी साहू की बेंच में वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की बेंच ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा की बीमारी अमीरी और गरीबी देखकर नहीं आती है इसलिए वैक्सीन भी इस नजरिए से नहीं लगाई जा सकती
ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा वैक्सीनेशन में अंत्योदय कार्ड धारकों को प्राथमिकता देने का आदेश जारी किया गया है आदेश के मुताबिक टीका सबसे पहले अंत्योदय को फिर BPL, उसके बाद APL और अंत में सभी को लगेगा।



