वन अमले की ताबड़तोड़ कार्यवाही जारी तस्करी में शामिल 1 पिकअप सहित सहित 48 नग चिरान व सिल्ली जप्त
हिंद शिखर न्यूज़ उदयपुर:- मुख्य वन संरक्षक सरगुजा ए बी मिंज एवं एवं वन मंडलाधिकारी सरगुजा पंकज कमल के मार्गदर्शन में उदयपुर वन परिक्षेत्र के वन कर्मियों द्वारा वन अपराधियों की धरपकड़ एवं अवैध वनोपज परिवहन की जब्ती की कार्रवाई युद्धस्तर पर जारी है । इसी तारतम्य में कार्यवाही करते हुए वन परिक्षेत्र अधिकारी उदयपुर श्रीमती सपना मुखर्जी एवं उप वनमंडलाधिकारी एस एन मिश्रा के निर्देशन में मुखबिर की सूचना पर उदयपुर वन कर्मियों द्वारा ग्राम मानपुर के हिरासाय मझवार एवं बहोरन दास के घर में तलाशी अभियान चलाया गया जहां से 18 नग चिरान एवं सिल्ली जप्ती की कार्रवाई की जा रही थी ।
इसी बीच मुखबिर से सूचना मिली कि मोहनपुर रोड में एक पिकअप लकड़ी लोड कर जा रहा है। मानपुर में जब्ती कार्रवाई कुछ अधिकारियों कर्मचारियों द्वारा जारी रखते हुए कुछ वन कर्मियों द्वारा पिकअप को पकड़ने के लिए भेजा गया बाइक से पीछा करते हुए लखनपुर वन परिक्षेत्र के ग्राम बंधा तक टीम गई परंतु पिकअप कहीं दिखाई नहीं दी वन कर्मी वापस उदयपुर वन परिक्षेत्र की ओर आने लगे तो मुखबिर से सूचना मिली की पिकअप चालक ने ग्राम मोहनपुर में एक व्यक्ति के खलिहान में पिकअप खड़ा कर ड्राइवर फरार हो गया है। सूचना पर मोहनपुर पहुँचकर एक ग्रामीण के खलिहान में खड़ी पिकअप सीजी08एल2877 को चेक किया गया उसके भीतर 30 नग चिरान लगभग एक घन मीटर लकड़ी लोड था लकड़ी पिकअप सहित व ग्राम मानपुर में जप्त लकड़ी को ट्रैक्टर से ढुलाई करवाकर वन परिक्षेत्र उदयपुर कार्यालय लाया गया।
दोनों ही जप्ती कार्रवाई में वन अमला द्वारा वन अधिनियम की धाराओं के तहत कार्यवाही जारी है।
विगत कुछ दिनों से वन परिक्षेत्र उदयपुर में लगातार हो रही जप्ती एवं चालानी कार्यवाही से वन अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है वन अमला द्वारा रात में की जा रही कार्यवाही को देखते हुए हड़बड़ाहट में वन अपराधी दिन में लकड़ी तस्करी की कोशिश में लग गए वन अमला यहां भी उन्हें शिकस्त देने में कामयाब हुआ और गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे पिकअप सहित माल जप्त करने में कामयाब रहे।
वन विभाग द्वारा की गई इस कार्यवाही में परिक्षेत्र सहायक श्याम बिहारी सोनी वन रक्षक गिरीश बहादुर सिंह, शशिकांत सिंह, धनेश्वर सिंह, अमरनाथ राजवाड़े, दिनेश तिवारी, ऋषि कुमार दैनिक वेतनभोगी घरभरन, विक्की सिंह एवं अन्य वन कर्मचारी सक्रिय रहे।