बलरामपुर

शिक्षक ने की कर्ज देने वाले की हत्या, कत्ल के बाद आराम से गया पढ़ाने..

बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के रघुनाथनगर थाना पुलिस ने पांच दिन पुराने एक अंधे कत्ल का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने पैसों के लेन-देन को लेकर शिवराज सिंह की चाकू मारकर और गला घोंटकर हत्या कर दी थी। आरोपी सियाचंद वैश्य (43) पेशे से शिक्षक है, जो कत्ल के बाद स्कूल में पढ़ाने चला गया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

क्या था पूरा मामला

यह मामला 30 अगस्त, 2025 को तब सामने आया, जब रघुनाथनगर पुलिस को चपोता गाँव के पास रेंड नदी में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंची पुलिस टीम को नदी किनारे से करीब 50 मीटर दूर एक मोटरसाइकिल (MP 66 MD 8406) भी मिली। गाड़ी के नंबर के आधार पर मृतक की पहचान पंडरी, सिंगरौली (मध्य प्रदेश) निवासी शिवराज सिंह (45) के रूप में हुई। घटनास्थल का मुआयना करने पर, पुलिस को संघर्ष के निशान, एक टूटा हुआ चाकू और घसीटकर ले जाए जाने के सबूत मिले, जिससे हत्या की आशंका हुई।
पुलिस ने तत्काल बिना नंबरी मर्ग कायम कर जांच शुरू की। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गला घोंटकर हत्या किए जाने की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया।

पुलिस जांच और खुलासा

पुलिस अधीक्षक श्री वैभव बैंकर के मार्गदर्शन में, पुलिस टीम ने वैज्ञानिक तरीकों से जांच आगे बढ़ाई। उन्होंने मृतक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाले। टेक्निकल एनालिसिस और परिजनों से पूछताछ के बाद, पुलिस को पता चला कि शिवराज को आखिरी बार उसके परिचित सियाचंद वैश्य के साथ देखा गया था। परिजनों ने यह भी बताया कि शिवराज ने सियाचंद को 7.50 लाख रुपये उधार दिए थे।

शक के आधार पर पुलिस ने सियाचंद को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पहले तो उसने गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन सख्ती बरतने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

ऐसे दिया वारदात को अंजाम

आरोपी सियाचंद ने पुलिस को बताया कि उसने करीब दो साल पहले शिवराज से 7.50 लाख रुपये उधार लिए थे। 5 प्रतिशत ब्याज के साथ यह रकम बढ़कर 15 लाख रुपये हो गई थी, लेकिन वह सिर्फ 1.5 लाख रुपये ही चुका पाया था। शिवराज लगातार पैसों के लिए दबाव बना रहा था, जिससे परेशान होकर सियाचंद ने उसकी हत्या की योजना बनाई।
30 अगस्त को, सियाचंद एक दिन पहले ही सिंगरौली से एक नया चाकू खरीदकर लाया था। उसने शिवराज को चपोता में जमीन दिखाने के बहाने बुलाया। दोनों अपनी-अपनी बाइक से निकले और चपोता के पास मिले। फिर सियाचंद अपनी बाइक घटनास्थल से कुछ दूरी पर छोड़कर शिवराज की बाइक पर पीछे बैठ गया। रेंड नदी के पास पहुंचते ही, उसने बाइक पर बैठे शिवराज पर चाकू से हमला कर दिया।
दोनों के बीच हाथापाई हुई, जिसमें चाकू टूट गया और दोनों को चोटें भी आईं। इसी दौरान सियाचंद ने शिवराज का गला जोर से दबा दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद, उसने शव को घसीटकर नदी में फेंक दिया। फिर उसने मृतक की जेब से 50,000 रुपये निकाल लिए और अपने कपड़े बदलकर घर चला गया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या के बाद वह बिना किसी डर के अपने घर से स्कूल पढ़ाने चला गया। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में इस्तेमाल चाकू, खून लगे कपड़े, लूटे गए 50,000 रुपये, मोबाइल और बाइक जब्त कर ली है। 3 सितंबर को आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे ऑपरेशन में थाना प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र ठाकुर, चौकी प्रभारी सुभाष कुजूर, सहायक उप-निरीक्षक नंदलाल प्रधान, आरक्षक उमेश यादव, जेम्स लकड़ा, राजेंद्र कुजूर, जुगेश जायसवाल और टेक चंद्र वर्मा का अहम योगदान रहा।

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