अंबिकापुर: राजीव गांधी शिक्षा मिशन फर्नीचर घोटाला मामले में ACB का कड़ा एक्शन, तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी एस.पी. पांडे समेत तीन गिरफ्तार

अंबिकापुर में शिक्षा विभाग से जुड़े एक दशक पुराने और बहुचर्चित करोड़ों रुपये के फर्नीचर खरीदी घोटाले में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2011-12 के दौरान राजीव गांधी शिक्षा मिशन के अंतर्गत हुई इस कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में एसीबी ने सख्त कदम उठाते हुए तत्कालीन जिला कार्यक्रम अधिकारी एस.पी. पाण्डेय (जो तत्कालीन जिला मिशन समन्वयक के रूप में भी जाने जाते हैं), दर्शन फेब्रिकेशन फर्म के प्रोपराइटर संजय पटेल सहित कुल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस हाई-प्रोफाइल कार्रवाई के बाद प्रशासनिक गलियारों में एक बार फिर हड़कंप मच गया है।
दबिश और दस्तावेजों की जब्ती
इस कार्रवाई से करीब दो महीने पहले एसीबी की एक विशेष टीम ने संबंधित विभागीय कार्यालय पर अचानक दबिश दी थी। इस दौरान टीम ने फर्नीचर खरीदी से जुड़ी फाइलों की हार्ड प्रतियों के साथ-साथ कई महत्वपूर्ण डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन के दस्तावेज अपने कब्जे में लिए थे। इन जब्त दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों की लंबी और गहन छानबीन के बाद, जब अनियमितता के पुख्ता तथ्य सामने आए, तब जाकर एसीबी ने आरोपियों पर शिकंजा कसा है।
कई अन्य नाम और फर्में रडार पर
जांच के दायरे में केवल गिरफ्तार लोग ही नहीं, बल्कि कई अन्य नाम भी शामिल हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस मामले में तत्कालीन जिला मिशन समन्वयक एस.पी. पांडे के अलावा डी.के. राय और एस.पी. सिद्धार्थ जैसे नाम भी जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा, इस पूरे घोटाले में विभाग के करीब 6 से 7 अधिकारियों और कर्मचारियों की संदिग्ध भूमिका सामने आ रही है। वहीं, फर्नीचर की आपूर्ति और खरीदी प्रक्रिया से जुड़ी लगभग 12 फर्में तथा उनके संचालक भी एसीबी की गहरी नजर में हैं।
इस गंभीर मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120(बी) (आपराधिक षड्यंत्र) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1) और 13(2) के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं।
जांच एजेंसियों के संकेत के अनुसार, यह केवल शुरुआती गिरफ्तारियां हैं। दस्तावेजों की स्क्रूटनी और पूछताछ के आधार पर आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े अन्य अधिकारियों, कर्मचारियों और संबंधित फर्म संचालकों पर भी शिकंजा कसने तथा और अधिक गिरफ्तारियां होने की पूरी संभावना जताई जा रही है। हालांकि, न्यायिक प्रक्रिया और अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक किसी भी पक्ष को तब तक दोषी नहीं माना जा सकता जब तक आरोप सिद्ध न हो जाएं।
एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों को आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद विशेष न्यायालय के समक्ष पेश कर दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एजेंसी आगे की विधिक कार्रवाई में जुटी हुई है।





