महिला कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करने वाले प्रभारी एसएडीओ के निलंबन की अनुशंसा, महिला आयोग की जनसुनवाई में 15 मामलों का निपटारा

अम्बिकापुर । छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में अम्बिकापुर में आयोजित संयुक्त जनसुनवाई में कृषि विभाग के प्रभारी एसएडीओ विनायक पाण्डेय के तत्काल निलंबन की अनुशंसा की गई है। विभाग की महिला कर्मचारियों ने प्रभारी एसएडीओ पर कार्यस्थल पर दुर्व्यवहार, अभद्र व्यवहार और मानसिक प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए थे। आयोग ने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए उपसंचालक कृषि अम्बिकापुर को विभागीय जांच कर दो वेतनवृद्धियां रोकने की कार्रवाई करने और दो माह के भीतर प्रतिवेदन सौंपने के निर्देश दिए हैं।
सरगुजा संभाग के अंतर्गत सरगुजा, सूरजपुर और बलरामपुर जिले के कुल 32 प्रकरणों की इस संयुक्त जनसुनवाई में 15 मामलों का मौके पर ही निराकरण किया गया। सुनवाई के दौरान एक चिकित्सक पति को अपनी पत्नी के साथ वैवाहिक संबंधों में सुधार लाने की सख्त हिदायत दी गई। साथ ही उसे हर महीने 20 हजार रुपये भरण-पोषण राशि देने के निर्देश दिए गए, जिसकी एक वर्ष तक नियमित निगरानी सखी वन स्टॉप सेंटर अम्बिकापुर द्वारा की जाएगी। इसके अलावा, पैतृक संपत्ति के बंटवारे के एक मामले में बतौली तहसील कार्यालय में खाता पृथक्करण के लिए आवेदन करने की सलाह दी गई, जबकि न्यायालय में लंबित मामलों में आयोग ने हस्तक्षेप न करने की बात स्पष्ट की।
जनसुनवाई में अन्य गंभीर मामलों पर भी त्वरित कदम उठाए गए। एक निजी शिक्षण संस्था द्वारा महिला कर्मचारी की एकतरफा सेवा समाप्त किए जाने पर जिला शिक्षा अधिकारी अम्बिकापुर को संबंधित महिला को एक वर्ष के वेतन के बराबर राहत दिलाने और दो महीने में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। वहीं, लंबे समय से लापता महिला के मामले में बलरामपुर पुलिस अधीक्षक कार्यालय को आवश्यक कार्रवाई करने तथा एक बैंक व बीमा कंपनी को लंबित बीमा दावे का एक महीने के भीतर निपटारा करने को कहा गया है। महिला आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं को त्वरित न्याय और राहत देना आयोग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।



