अम्बिकापुर

मीना बाजार लेनदेन का कथित ऑडियो वायरल होने से गरमाई अंबिकापुर की राजनीति, महापौर मंजूषा भगत ने अजाक थाने में की शिकायत..

ऑडियो क्लिप साभार सोशल मीडिया

अंबिकापुर । नगर पालिक निगम अंबिकापुर की महापौर मंजूषा भगत और भारतीय जनता पार्टी सरगुजा के जिला अध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया से जुड़ा एक कथित ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस कथित ऑडियो में कला केंद्र मैदान में मीना बाजार लगाने के बदले संचालक से कथित तौर पर लेनदेन की बात कही जा रही है। सोशल मीडिया पर सामने आए इस क्लिप में मीना बाजार संचालक अनुराग मिश्रा द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि बाजार लगाने के एवज में भाजपा जिला अध्यक्ष द्वारा 3 लाख रुपये और महापौर द्वारा 3 लाख रुपये की मांग की जा रही है, साथ ही निगम खर्च के लिए अलग से 1 लाख रुपये मांगे जाने का जिक्र है। ऑडियो में बातचीत के दौरान मीना बाजार संचालक द्वारा कथित तौर पर यह भी कहा गया है कि वह कला केंद्र मैदान में कोई अफीम की खेती नहीं करने जा रहे हैं कि इतना पैसा दे सकें। ऑडियो में राशि की वापसी को लेकर भी संवाद होने की बात कही जा रही है। हालांकि, इस वायरल ऑडियो क्लिप की सत्यता की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस पूरे मामले को लेकर महापौर मंजूषा भगत ने कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे एक सुनियोजित राजनीतिक षड्यंत्र करार दिया है। उन्होंने अजाक थाना अंबिकापुर में एक लिखित आवेदन देकर इस कथित ऑडियो क्लिप को पूरी तरह फर्जी, तथ्यहीन और मनगढ़ंत बताया है। मंजूषा भगत का कहना है कि अनुराग मिश्रा द्वारा सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों में प्रसारित किया गया यह कथित ऑडियो उनकी सामाजिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उन्होंने इसे एक आदिवासी महिला जनप्रतिनिधि के संवैधानिक अधिकारों और सम्मान पर हमला बताते हुए मामले की निष्पक्ष फोरेंसिक जांच की मांग की है।
महापौर द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में मांग की गई है कि इस कथित ऑडियो क्लिप की तकनीकी जांच कराई जाए ताकि इसे बनाने और प्रसारित करने वाले तत्वों का पता चल सके। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के विरुद्ध अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता तथा साइबर अपराध की धाराओं के तहत कार्रवाई की जाए। शिकायत दर्ज कराने के दौरान निगम सभापति हरमिन्दर सिंह टिन्नी, जिला महामंत्री विनोद हर्ष, मधुसूदन शुक्ला, पार्षद मनीष सिंह, रुपेश दुबे सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और पार्षद उपस्थित थे। पुलिस ने आवेदन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

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