अम्बिकापुर

अम्बिकापुर: संजय पार्क में आवारा कुत्तों का खूनी तांडव, 15 हिरणों की मौत, लापरवाही पर 5 वनकर्मी निलंबित

अम्बिकापुर, छत्तीसगढ़। सरगुजा वनमण्डल के अंतर्गत आने वाले संजय वन वाटिका (शंकरघाट) से एक हृदय विदारक घटना सामने आई है, जहाँ सुरक्षा में हुई भारी चूक के कारण आवारा कुत्तों ने बाड़े में घुसकर 15 मासूम हिरणों को अपना शिकार बना लिया। इस घटना ने वन विभाग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक उप वनक्षेत्रपाल सहित पाँच कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है।
घटना की शुरुआत 21 मार्च 2026 की तड़के सुबह हुई। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, रात्रि लगभग 3:00 से 3:30 बजे के बीच आवारा कुत्तों का एक झुंड शाकाहारी पशु बाड़े (Herbivore Enclosures) की फेंसिंग के नीचे से रास्ता बनाकर भीतर घुस गया। इन शिकारी कुत्तों ने बाड़े में मौजूद हिरणों को बुरी तरह दौड़ाया और उन पर जानलेवा हमला कर दिया। सुबह जब वन वाटिका के कर्मचारी ड्यूटी पर पहुँचे, तो नजारा भयावह था। मौके पर ही 14 हिरण मृत पाए गए, जिनमें 6 कोटरा, 6 चीतल और 2 चौसिंगा शामिल थे। वहीं, एक अन्य घायल चीतल ने अगले दिन 22 मार्च की सुबह उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
सूचना मिलते ही उप वनमण्डलाधिकारी अम्बिकापुर और संयुक्त वनमण्डलाधिकारी सरगुजा ने पूरी टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। जीपीएस लोकेशन N-23.149407, E-83.211295 पर स्थित बाड़े में सभी वन्यप्राणियों के शव ताजी अवस्था में मिले। वन्यजीव चिकित्सक डॉ. अजीत पांडेय और स्थानीय चिकित्सक डॉ. शौरी द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में यह स्पष्ट हुआ कि हिरणों की मौत कुत्तों के काटने और नोचने से हुई है। हिरणों की गर्दन, शरीर और पिछले हिस्सों पर गहरे घाव पाए गए। पोस्टमार्टम के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में नियमानुसार सभी मृत हिरणों का ससम्मान दाह संस्कार कर दिया गया।
इस पूरी घटना ने वन विभाग की मॉनिटरिंग और रात्रि गश्त की पोल खोल दी है। जाँच रिपोर्ट में यह पाया गया कि रात्रि ड्यूटी पर तैनात चौकीदार वीरेंद्र और लोधे राम ने अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं किया था। साथ ही, पार्क में पदस्थ अन्य कर्मचारी भी अपनी जिम्मेदारी के प्रति लापरवाह रहे। अनुशासनहीनता के इस मामले में मुख्य वन संरक्षक सरगुजा ने कड़ा रुख अपनाते हुए उप वनक्षेत्रपाल अशोक सिन्हा, वनपाल ममता परते, वनपाल प्रतीमा लकड़ा, वनपाल बिन्दू सिंह और वनरक्षक श्रीमती फुलमनी को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया है।

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