अम्बिकापुर

छत्तीसगढ़ की 9 सहकारी संस्थाएं राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम के क्षेत्रीय उत्कृष्टता पुरस्कार से सम्मानित, मैनपाट की महिला समिति को मिला सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार..

अंबिकापुर । छत्तीसगढ़ में सहकारी आंदोलन को नई दिशा देते हुए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉरपोरेशन—एनसीडीसी), रायपुर द्वारा राज्य की उत्कृष्ट कार्य करने वाली सहकारी समितियों और किसान उत्पादक संगठनों को एनसीडीसी क्षेत्रीय सहकारी उत्कृष्टता और योग्यता पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर कुल 7 सहकारी समितियों एवं छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी अधिनियम के तहत पंजीकृत 2 किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए।
रायपुर में आयोजित गरिमामय समारोह में पुरस्कार डॉ. सी.आर. प्रसन्ना (भारतीय प्रशासनिक सेवा), सचिव (सहकारिता), छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रदान किए गए। कार्यक्रम में कुलदीप शर्मा (भारतीय प्रशासनिक सेवा), आयुक्त (सहकारिता) एवं पंजीयक, सहकारी समितियां, छत्तीसगढ़ शासन, किंचित जोशी, क्षेत्रीय निदेशक, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, रायपुर, के.एन. कांडे, प्रबंध संचालक, एपेक्स बैंक, रायपुर सहित एनसीडीसी रायपुर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इस अवसर पर एनसीडीसी के क्षेत्रीय निदेशक किंचित जोशी ने बताया कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय के अंतर्गत एक सांविधिक निगम है, जिसकी स्थापना वर्ष 1963 में किसानों की सहकारी संस्थाओं को सशक्त करने, उत्पादन एवं उत्पादकता बढ़ाने तथा फसल कटाई के बाद की सुविधाओं के विकास के उद्देश्य से की गई थी। एनसीडीसी कृषि विपणन, इनपुट आपूर्ति, प्रसंस्करण, भंडारण, कोल्ड चेन, बीज, उर्वरक एवं अन्य कृषि आदानों के क्षेत्र में सहकारी समितियों को सहयोग प्रदान करता है। इसके साथ ही गैर-कृषि क्षेत्रों—जैसे डेयरी, पशुपालन, हथकरघा, रेशम उत्पादन, मुर्गी पालन, मत्स्य पालन—तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और महिला सहकारी समितियों के सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान दिया जाता है। निगम द्वारा अब तक देशभर में लगभग 4.33 लाख करोड़ रुपये का वित्तपोषण किया जा चुका है।
समारोह में विभिन्न श्रेणियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सहकारी समितियों को पुरस्कार प्रदान किए गए। सर्वश्रेष्ठ प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति (प्राथमिक एग्रीकल्चरल क्रेडिट सोसाइटी—पीएसीएस) श्रेणी में प्रथम पुरस्कार सेवा सहकारी समिति मर्यादित, बोरीगारका (जिला दुर्ग) को तथा द्वितीय पुरस्कार वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति मर्यादित, सुरगी (जिला राजनांदगांव) को प्रदान किया गया।
विपणन क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्राथमिक सहकारी समिति का प्रथम पुरस्कार बिल्हा सहकारी विपणन संस्था मर्यादित, सरगांव (जिला मुंगेली) और द्वितीय पुरस्कार गौरेला सहकारी विपणन संस्था मर्यादित, पेंड्रा रोड (जिला गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) को मिला।
सहकारिता मंत्रालय की पहलों को अपनाने वाली सर्वश्रेष्ठ समितियों की श्रेणी में वृहत्ताकार सेवा सहकारी समिति मर्यादित, उतई (जिला दुर्ग) को प्रथम तथा आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित, नवागांव (जिला बालोद) को द्वितीय पुरस्कार प्रदान किया गया।
सर्वश्रेष्ठ महिला सहकारी समिति का पुरस्कार तिब्बतन रिफ्यूजी मल्टीपरपज कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, मैनपाट (जिला सरगुजा) को मिला।
सर्वश्रेष्ठ किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ) श्रेणी में प्रथम पुरस्कार किसान कल्याण उत्पादक सहकारी समिति मर्यादित, बलौदाबाजार तथा द्वितीय पुरस्कार बिहान प्रगतिशील महिला बहुद्देशीय सहकारी समिति मर्यादित, गुल्लू (जिला रायपुर) को प्रदान किया गया। विजेता संस्थाओं को नकद पुरस्कार राशि एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि कुलदीप शर्मा ने विजेता समितियों को बधाई देते हुए कहा कि ये संस्थाएं राज्य की अन्य सहकारी समितियों के लिए प्रेरणास्रोत हैं और सभी समितियों को इनसे सीख लेकर समान रूप से उत्कृष्ट कार्य करने के लिए आगे आना चाहिए।
मुख्य अतिथि डॉ. सी.आर. प्रसन्ना ने कहा कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम निरंतर सहकारी आंदोलन को मजबूत करने के लिए कार्य कर रहा है। उत्कृष्टता और योग्यता के लिए शुरू किए गए क्षेत्रीय पुरस्कार न केवल सम्मान पाने वाली समितियों और किसान उत्पादक संगठनों को प्रोत्साहित करेंगे, बल्कि पूरे राज्य में सहकारी संस्थाओं के लिए प्रेरणा का माध्यम भी बनेंगे।
कार्यक्रम का समापन वैभव कुमार, सहायक निदेशक, राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम, रायपुर द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया। कार्यक्रम का समन्वय भी उनके द्वारा किया गया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button