दोस्ती की आड़ में विश्वासघात ,काम दिलाने के बहाने सहेली ने ‘2 लाख’ में युवती को बेचा, 4 तस्कर गिरफ्तार

अंबिकापुर: मणिपुर पुलिस ने एक युवती की अवैध खरीद-फरोख्त (मानव तस्करी) के सनसनीखेज मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दो चरणों में की गई है, जिसमें पुलिस ने मध्य प्रदेश के उज्जैन से पीड़िता को सफलतापूर्वक बरामद करने के साथ ही घटना में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
यह मामला तब सामने आया जब दिनांक 19.11.2025 को पीड़िता को उसकी सहेली अलका शादी पार्टी में काम दिलाने के बहाने पत्थलगांव ले जाने की बात कहकर घर से ले गई, लेकिन उसे उज्जैन ले जाकर मुख्य आरोपी अशोक परमार को ₹2 लाख नकद लेकर बेच दिया। बाद में आरोपी अशोक ने पीड़िता से जबरन शादी कर ली। पीड़िता की बहन की रिपोर्ट पर दिनांक 26.11.2025 को थाना मणिपुर में मामला दर्ज किया गया। शिकायत के बाद, मणिपुर पुलिस की टीम तत्काल उज्जैन रवाना हुई और प्रारंभिक कार्रवाई में, दिनांक 01/12/2025 को आरोपी भंवर सिंह गोहाना के कब्जे से पीड़िता को सकुशल बरामद किया गया। पीड़िता से पूछताछ में खुलासा हुआ कि अल्का उसे उज्जैन स्टेशन पर अशोक, मुकेश और भंवर सिंह को सौंपकर चली गई थी, जिसके बाद भंवर सिंह और मुकेश ने मिलकर जबरन उसकी शादी भंवर सिंह से करवा दी। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी भंवर सिंह गोहाना और मुकेश सिंह गोहाना को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
घटना के बाद से मुख्य आरोपी अशोक परमार और एक अन्य महिला आरोपी लगातार फरार चल रहे थे। मणिपुर पुलिस टीम ने फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश जारी रखी। अंततः, दिनांक 05/12/2025 को पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर मुख्य आरोपी अशोक परमार (पिता चुन्नीलाल परमार, उम्र 30 वर्ष, निवासी उज्जैन) और महिला आरोपी को हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस पूरे ऑपरेशन और आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी मणिपुर निरीक्षक अश्विनी सिंह, सहायक उप निरीक्षक शौखी लाल, और आरक्षक सत्येंद्र दुबे की मुख्य भूमिका रही। सरगुजा पुलिस की त्वरित और सफल कार्रवाई ने मानव तस्करी के इस गंभीर अपराध पर अंकुश लगाने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।





