मैनपाट के कंडराजा मे बाक्साईट खदान परियोजना की जनसुनवाई संपन्न; कुल 135.223 हेक्टेयर क्षेत्र से प्रतिवर्ष 80,700 मीट्रिक टन खनन प्रस्तावित
अम्बिकापुर / छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की तहसील मैनपाट के ग्राम कंडराजा में कुदरगढ़ी स्टील्स प्रा. लि. की प्रस्तावित बाक्साईट माइन परियोजना के लिए जनसुनवाई कल, दिनांक 30 नवंबर 2025 को संपन्न हुई। जनसुनवाई में लगभग 500 ग्रामीणों की उपस्थिति दर्ज की गई, जिनमें से कुल 110 ग्रामीणों ने परियोजना के पक्ष और विपक्ष में अपने सुझाव और आपत्तियाँ प्रस्तुत कीं।
माहौल भड़काने का प्रयास, प्रशासन का हस्तक्षेप
जनसुनवाई शुरू होने से पहले, कुछ अवांछित तत्वों द्वारा ग्राम कंडराजा में एलुमिना प्लांट की स्थापना की झूठी अफवाह फैलाकर माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया गया और टेंट को भी नुकसान पहुंचाया गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए, जिला प्रशासन ने तत्काल हस्तक्षेप किया और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर वातावरण को शांत किया। इस कारण निर्धारित समय 11 बजे शुरू होने वाली जनसुनवाई लगभग एक घंटे विलंब से, यानी 12 बजे शुरू हो सकी। इसके बावजूद, ग्रामीणों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया, और जनसुनवाई की कार्यवाही लगभग 3 घंटे 30 मिनट तक चलकर 3:30 बजे समाप्त हुई।
परियोजना का विवरण और प्रस्तावित क्षेत्र
जनसुनवाई की अध्यक्षता अपर कलेक्टर सुनील नायक ने की। परियोजना प्रस्तावक कंपनी ने विस्तृत विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि ग्राम कंडराजा में कुल 135.223 हेक्टेयर क्षेत्र में बाक्साईट खनन प्रस्तावित है। इस क्षेत्र में राजस्व वन (8.111 हे.), आरक्षित एवं संरक्षित वन (114.528 हे.), और निजी भूमि (12.584 हे. या लगभग 31.08 एकड़) शामिल है।
कंपनी के अनुसार, खदान से प्रतिवर्ष अधिकतम 80,700 मीट्रिक टन बाक्साईट का उत्खनन किया जाएगा। कंपनी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि खनन की अधिकतम गहराई केवल 9.30 मीटर रहेगी, जिससे क्षेत्र के 15 मीटर गहरे भूजल स्तर पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
विस्थापन और मुआवजा पर आश्वासन
कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया कि परियोजना से किसी भी परिवार का विस्थापन नहीं होगा। केवल 12.584 हेक्टेयर कृषि भूमि ही प्रभावित होगी, और इस भूमि का जबरन अधिग्रहण नहीं किया जाएगा। भूस्वामियों से आपसी सहमति से मुआवजा निर्धारित किया जाएगा। सबसे महत्वपूर्ण आश्वासन यह रहा कि खनन पूर्ण होने के बाद भूमि को समतल कर पुनः भूस्वामी को लौटाया जाएगा और भूमि का स्वामित्व हर परिस्थिति में मूल भूस्वामी का ही बना रहेगा।
अंतिम निर्णय पर्यावरण संरक्षण मंडल लेगा
अपर कलेक्टर सुनील नायक ने उपस्थित ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि जनसुनवाई में प्राप्त सभी सुझावों एवं आपत्तियों पर पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा गहन विचार-विमर्श के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। सत्र के अंत में, सुनील नायक ने जनसुनवाई को शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न कराने के लिए सभी ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।











