अम्बिकापुर

जंगली सूअर के शिकार के लिए लगाए गए हाई वोल्टेज विद्युत करंट की चपेट में आने से युवक की मौत, शव 500 मीटर दूर कुएं में फेंका

अंबिकापुर । जंगली जानवरों के शिकार के लिए खेत में अवैध रूप से बिछाए गए हाई वोल्टेज विद्युत तार की चपेट में आने से एक 27 वर्षीय युवक की दुखद मौत हो गई। इतना ही नहीं, अपराधियों ने अपनी करतूत को छिपाने के लिए मृतक के शव को ठिकाने लगाते हुए उसे खेत से लगभग 500 मीटर दूर एक कुएं में फेंक दिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस पूरे षड्यंत्र का खुलासा किया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है।
थाना दरिमा के अंतर्गत ग्राम कुम्हर्ता निवासी हरेंद्र सिंह पिता बुद्धदेव (उम्र 27 वर्ष) की मृत्यु हो गई। पुलिस जांच में यह सामने आया कि यह मृत्यु आरोपी द्वारा अपने खेत में धान की फसल को जंगली सूअरों से बचाने और उन्हें मारकर खाने के उद्देश्य से की गई एक खतरनाक साजिश का परिणाम थी। आरोपियों ने गैर-कानूनी तरीके से 11000 वोल्ट की उच्च शक्ति वाली विद्युत लाइन से नंगा जी. आई. तार हुकिंग करके खेत की मेड़ पर बिछा रखा था। इसी जी.आई. तार की चपेट में आने से हरेंद्र सिंह की मौके पर ही मौत हो गई।
मृतक हरेंद्र सिंह के परिजनों की रिपोर्ट पर थाना दरिमा में अपराध क्रमांक 197/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (B.N.S.) की धारा 105 (मानव जीवन को संकट में डालना), 238, 3(5) और विद्युत अधिनियम की धारा 135 (बिजली की अवैध चोरी) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने जब मुख्य आरोपी बुधवार सिंह पिता जयमंगल सिंह (उम्र 65 वर्ष, निवासी कुमहर्ता) को हिरासत में लिया, तो उसने पूरे अपराध का खुलासा किया। बुधवार सिंह ने बताया कि दिनांक 23 नवंबर 2025 की रात्रि लगभग 8:30 बजे खेत में हलचल होने पर उसने जाकर देखा तो हरेंद्र सिंह मृत पड़ा था। अपना अपराध छुपाने की नीयत से उसने तत्काल अपने अन्य साथियों मदन सिंह पिता बसंत साय (50 वर्ष) और बलराम सिंह पिता देवन सिंह (55 वर्ष) को बुलाया। तीनों ने मिलकर मृतक के शव को खेत से दूर लगभग 500 मीटर की दूरी पर स्थित एक कुएं में फेंक दिया ताकि किसी को इस घटना के बारे में पता न चल पाए।
आरोपी बुधवार सिंह की निशानदेही और गहन पूछताछ के बाद अन्य दोनों आरोपी मदन सिंह और बलराम सिंह को भी दिनांक 01 दिसंबर 2025 को हिरासत में लिया गया। तीनों आरोपियों ने पुलिस के सामने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। सभी आरोपियों के विरुद्ध अपराध के पर्याप्त सबूत पाए जाने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस पूरे मामले का खुलासा करने में थाना दरिमा से सउनि नोहरसाय मिंज, आरक्षक मनोहर पैकरा, बंदे केरकेट्टा, टिकेश्वर सिंह और नमिश सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button