मैनपाट मे प्रस्तावित बॉक्साइट खदान पर जनसुनवाई से पहले भड़का विरोध, ग्रामीणों ने उखाड़ा प्रशासन द्वारा लगाया गया टेंट-पंडाल

अंबिकापुर । प्रस्तावित बॉक्साइट खदान को लेकर मैनपाट में आज माहौल पूरी तरह से गरमाया हुआ है, जहां आज होने वाली जनसुनवाई से ठीक पहले ग्रामीणों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन द्वारा लगाए गए टेंट और पंडाल को उखाड़ दिया। यह तीव्र विरोध प्रदर्शन जिला पंचायत सदस्य रतनी नाग के नेतृत्व में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण एकजुट हुए। ग्रामीणों का सीधा आरोप है कि खनन गतिविधियों के कारण मैनपाट का पर्यावरण लगातार खराब हो रहा है और वे किसी भी हाल में कोई नया माइंस खुलने नहीं देंगे, जिसके चलते उन्होंने जनसुनवाई से पहले ही अपनी नाराजगी जाहिर कर दी।
यह विवाद नर्मदापुर हाथी प्रभावित क्षेत्र के कडराजा और उरंगा गांव में प्रस्तावित बॉक्साइट खदान को लेकर है, जिसका संचालन मां कुदरगढ़ी कंपनी द्वारा किया जाना है और इसी के लिए आज जनसुनवाई निर्धारित थी। विरोध कर रहे ग्रामीणों ने स्पष्ट आरोप लगाया है कि मौजूदा खनन गतिविधियां जंगल, जलस्रोतों और समूचे पर्यावरण को नष्ट कर रही हैं। इसके अतिरिक्त, उनका कहना है कि खनन से हाथियों का प्राकृतिक मार्ग बाधित हो रहा है, जिसके परिणामस्वरूप मानव-वन्यजीव संघर्ष में लगातार वृद्धि हो रही है। ग्रामीणों ने कंपनी से जुड़े दलालों पर एक गंभीर आरोप यह भी लगाया कि उन्होंने जनजातीय परिवारों को रातभर शराब पिलाकर जनसुनवाई में उनकी आवाज को दबाने की कोशिश की थी।
मौजूदा तनावपूर्ण स्थिति के बीच, ग्रामीणों ने तत्काल जनसुनवाई रद्द करने, प्रस्तावित माइंस पर लिए गए निर्णय को वापस लेने और मैनपाट को पूरी तरह से खनन मुक्त क्षेत्र घोषित करने की मांग की है। विरोध को देखते हुए मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है और स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है, क्योंकि ग्रामीण अभी भी बड़ी संख्या में विरोध स्थल पर डटे हुए हैं और अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।





