चिटफंड घोटाला: 10% मुनाफे का झांसा देकर लाखों की ठगी, 2 आरोपी गिरफ्तार….
सरगुजा पुलिस की बड़ी कार्रवाई: 'शुभ निवेश स्टॉक मार्केट' कंपनी के संचालक समेत अब तक 5 आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए

अंबिकापुर । चिटफंड के मामलों में पुलिस टीम द्वारा लगातार सख्त वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। इसी क्रम में, थाना गांधीनगर पुलिस टीम ने आपराधिक षड्यंत्र रचकर शेयर मार्केट में पैसे लगाने पर प्रतिमाह 10 प्रतिशत का मुनाफा देने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने के मामले में दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले में पूर्व में भी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था।
लाखों की धोखाधड़ी का विवरण
मामले का संछिप्त विवरण यह है कि प्रार्थी भोला प्रसाद कुर्रे ने दिनांक 03/12/2024 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि दिनांक 24/01/2024 से 02/06/2024 के मध्य आरोपी संजीत अग्रवाल ने अपने परिवार के सदस्यों व अन्य के साथ मिलकर आपराधिक षडयंत्र कारित करते हुए लोगों को शेयर मार्केट में रुपए लगाने पर प्रतिमाह 10 प्रतिशत का मुनाफा देने का लालच देकर लाखों रुपये का धोखाधड़ी किया। इस रिपोर्ट पर थाना गांधीनगर में अपराध क्रमांक 715/24, धारा 420, 120 (बी) भा.द.वि. का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।
विवेचना के दौरान प्रार्थी व गवाहों का कथन दर्ज किया गया और घटनास्थल का निरीक्षण कर प्रार्थी तथा गवाहों के बैंक स्टेटमेंट प्राप्त किए गए। खाते के अवलोकन पर पाया गया कि आरोपियों के खाते में भारी मात्रा में रूपये जमा किया गया है। पंजीयक कार्यालय अम्बिकापुर से जानकारी लेने पर पता चला कि आरोपी की कंपनी ‘शुभ निवेश स्टॉक मार्केट’ का पंजीयन नहीं था। विवेचना में यह भी पाया गया कि आरोपी संजीत अग्रवाल व अन्य आरोपियों द्वारा शुभ निवेश स्टॉक मार्केट के नाम से कंपनी खोलकर बिना अनुमति के लोगों को ज्यादा लाभ देने का झांसा देकर स्थानीय लोगों को एजेंट का कार्य देकर चैन सिस्टम के माध्यम से सीधे साधे निवेशकों से रूपये जमा कराकर करोड़ों रुपये की ठगी की गई और फिर कंपनी का कार्यालय बंद कर वे भाग गए।
विवेचना के दौरान आरोपियों के द्वारा ईनामी चिट और धन परिचालन स्कीम (पाबंदी) अधिनियम 1978 की धारा 4, 5, 6 एवं छत्तीसगढ़ के निक्षेपकों का हितों का संरक्षण नियम 2005 की धारा 10 का अपराध घटित करने का साक्ष्य पाए जाने से ये धाराएं भी मामले में जोड़ी गईं। विवेचना के दौरान निवेशक एवं गवाहों के कथन व प्रस्तुत दस्तावेजों के अवलोकन पर यह भी पाया गया कि भोला प्रसाद कुर्रे ने निवेशकों से संपर्क कर शुभ निवेश कंपनी को अपना होना बताकर और विश्वास दिलाकर छल पूर्वक रूपये निवेश कराए तथा अपने खाते में लाखों रूपये लिए। इन खातों का अवलोकन करने पर रुपए को लगातार खर्च करना पाया गया, किंतु कंपनी के नाम के किसी भी खाते में रुपए जमा नहीं किए गए।
पूर्व में तीन आरोपी गिरफ्तार
प्रकरण की विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा मामले में भोला प्रसाद कुर्रे, देवकुमार कुर्रे व संजीत अग्रवाल को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पूर्व में ही पेश किया जा चुका था।
दो और आरोपी गिरफ्तार
दौरान विवेचना, प्रकरण में नामजद आरोपी कन्हैयालाल अग्रवाल की संलिप्तता के संबंध में निवेशकों द्वारा बताया गया। पुलिस टीम द्वारा आरोपी से पुछताछ करने पर उसने अपना नाम कन्हैयालाल अग्रवाल (आत्मज स्व. गुगन राम अग्रवाल, उम्र 60 वर्ष, साकिन भैयाथान रोड, सूरजपुर, जिला सूरजपुर) का होना बताया। आरोपी कन्हैयालाल को प्रकरण में गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
विवेचना के दौरान मुख्य आरोपी संजीत अग्रवाल के आईसीआईसीआई स्थित बैंक खाता का अवलोकन करने पर निवेशकों से प्राप्त रकम को आईसीआईसीआई स्थित छाया मोबाइल नामक बैंक खाता में ट्रांसफर किया जाना पाया गया। उक्त खाता साकेत साहू द्वारा संचालित होना पाया गया। संजीत अग्रवाल ने अपने कथन में ठगी से प्राप्त रकम को छाया मोबाइल के खाता में ट्रांसफर कराकर नगदी प्राप्त करना बताया। इस संबंध में साकेत साहू को थाना लाकर नोटिस देकर संजीत अग्रवाल के खाता में ट्रांसफर हुए रकम के संबंध में वैध दस्तावेज चाहा गया, जो उसके पास नहीं थे। साकेत साहू ने रकम नगदी के रूप में आहरण करके संजीत को दे देना बताया। साकेत साहू के द्वारा संतोषजनक दस्तावेज या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया। प्रकरण में आरोपी संजीत अग्रवाल को लाभ पहुंचाने में आपराधिक संलिप्तता/सहयोग पाए जाने से बतौर आरोपी नाम जोड़ा गया और आरोपी साकेत साहू (आत्मज विश्वनाथ साहू, उम्र 33 वर्ष, साकिन साहू गली, सूरजपुर, जिला सूरजपुर) को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
इस सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रदीप जायसवाल, आरक्षक विकास सिंह, अरविन्द उपाध्याय, अतुल शर्मा, और ऋषभ सिंह का सक्रिय योगदान रहा।





