अम्बिकापुर

हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक , शिक्षक नहीं ‘गुरुजी’ बनें, ‘हार्डवेयर’ नहीं ‘सॉफ्टवेयर’ पर फोकस करें: कलेक्टर

अंबिकापुर, 31 जुलाई 2025/ अंबिकापुर में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से कलेक्टर विलास भोसकर की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। राजीव गांधी कॉलेज ऑडिटोरियम में हुई इस बैठक में जिले के हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों, विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल और जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

शिक्षकों से ‘गुरुजी’ बनने का आह्वान

कलेक्टर ने शिक्षकों से ‘गुरुजी’ बनने का आह्वान करते हुए कहा कि उनका ध्यान केवल ‘हार्डवेयर’ यानी भौतिक संसाधनों पर नहीं, बल्कि ‘सॉफ्टवेयर’ यानी बच्चों की मानसिक और शैक्षिक प्रगति पर होना चाहिए। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में सरगुजा जिले के उत्कृष्ट परिणामों की सराहना करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों में भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अपार संभावनाएं हैं।

शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम और कोचिंग पर जोर

बैठक में शत-प्रतिशत परीक्षा परिणाम हासिल करने को लक्ष्य बनाने पर जोर दिया गया। कलेक्टर ने सैनिक स्कूल, नवोदय और प्रयास विद्यालयों की प्रवेश परीक्षाओं के लिए संकुल स्तर पर मुफ्त कोचिंग शुरू करने का निर्देश दिया। इसके लिए उन्होंने योग्य शिक्षकों को प्रोत्साहित करने की बात कही। इसके साथ ही, जिला प्रशासन के सहयोग से चल रहे ‘सुपर 30’ और ‘नीट कोचिंग’ कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई।

पोषण और उपस्थिति बढ़ाने के उपाय

कलेक्टर ने 1 अगस्त से प्राथमिक स्तर के प्रत्येक बच्चे को 20 ग्राम चना देने का निर्देश दिया, ताकि उनकी शारीरिक फिटनेस में सुधार हो सके और वे सेना जैसी सेवाओं में चयनित हो सकें। इसके अलावा, मध्याह्न भोजन और छात्रावासों में पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन सुनिश्चित करने को कहा गया। जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल ने भी एमडीएम की गुणवत्ता और शौचालयों की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए।

शाला त्यागी बच्चों की वापसी और अन्य महत्वपूर्ण निर्देश

जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि नवोदय, सैनिक और प्रयास विद्यालयों के लिए शनिवार और रविवार को विशेष कोचिंग कक्षाएं शुरू की जाएंगी। उन्होंने प्राचार्यों को निर्देशित किया कि वे बच्चों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए अभिभावकों से लगातार संवाद बनाए रखें, ताकि कोई भी बच्चा स्कूल से बाहर न रहे।
इसके अतिरिक्त, पाठ्यपुस्तकों और गणवेश वितरण में तेजी लाने, इंस्पायर अवॉर्ड के लिए 20 अगस्त तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन पूरा करने और ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विद्यालयों में पौधरोपण कराने की योजना पर भी चर्चा हुई।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत प्रत्येक अधिकारी को दो-दो स्कूलों का निरीक्षण करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। साथ ही, दिव्यांग बच्चों को मोबाइल देने की योजना और पीएम श्री विद्यालयों के क्रियान्वयन की समीक्षा भी की गई।
सेवानिवृत्त शिक्षकों का सम्मान

इस अवसर पर, तीन प्राचार्यों- विनोद गुप्ता, मुकेश्वर साय पैकरा, सौद राम पैकरा और बीआरसीसी बलबीर गिरि को उनकी सेवानिवृत्ति पर कलेक्टर ने सम्मानित किया। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी प्राचार्यों से निर्देशों का गंभीरता से पालन करने और आने वाले सत्र में 100% परीक्षा परिणाम का लक्ष्य प्राप्त करने की अपील की।

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