लखनपुर

मनरेगा में ठेकेदारी प्रथा से हो रहा चेक डैम निर्माण कार्य चढ़ा भ्रष्टाचार की भेंट, पंचायत में निर्माण कार्य किए बिना ही निकाले लाखों रुपए, ग्रामीणों ने लगाया आरोप – सूक्ष्म जांच कर दोषियों पर कार्यवाही की मांग


लखनपुर विकासखंड के दूरस्थ एवं मैनपाट के तराई क्षेत्र में स्थित ग्राम पंचायत डांड़ केसरा में सरपंच सचिव के द्वारा पंचायत का विकास कार्य सिर्फ कागजों में किया गया है। वही जमीनी हकीकत यह है कि मौके पर विकास कार्य नहीं हुए है किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य जिसे देखते हुए ग्रामीणों के द्वारा सरपंच सचिव के खिलाफ गंभीर कई आरोप भी लगाए हैं डांड केसरा के मछ्ली नदी में लगभग 17 लाख रूपए के लागत राशि से मनरेगा के तहत चेक डेम का निमार्ण ठेका प्रथा और मशीनों से कराया जा रहा है तथा गुणवत्ता विहीन कार्य को लेकर ग्रामीणों में सरपंच सचिव के खिलाफ नराजगी व्यक्त की गई और वहीं ग्रामीणों ने सरगुजा कलेक्टर से मांग की है कि भ्रष्ट सचिव के ऊपर कड़ी से कड़ी कार्यवाही की जाय वही पूर्व में सचिव के द्वारा ग्राम पंचायत लब्जी में लाखों रुपए का हेराफेरी और वन अधिकार पट्टा में दस्तावेज छेड़खानी करने पर कुन्नी पुलिस चौकी पर सचिव के विरुद्ध अपराध दर्ज कर जेल भेजा गया था इसके बावजूद भ्रष्ट सचिव को लखनपुर ब्लाक के अंतर्गत मनचाहा 3 ग्राम पंचायत का प्रभार दिया गया है। जो की सोचनीय है।

लखनपुर विकासखंड के अंतर्गत दूरस्थ एवं मैनपाट और लखनपुर के मध्य तराई क्षेत्र में बसे ग्राम पंचायत डांड़केसरा मैं ग्रामीणों के द्वारा शासन के द्वारा भेजे जा रहे विकास कार्यों के लाखों रुपए सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गई हैं धरातल पर कहीं कुछ विकास कार्य नजर नहीं आएंगे इस बात को लेकर ग्रामीणों रामेश्वर यादव, शिव नारायण यादव, मकर प्यारी यादव,, नरसिंह यादव, वीनेश यादव ,सत्यनारायण यादव, सुरेश यादव ,कालू यादव ,,रामा यादव ,हुरसैनि यादव ,ने ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव राम गोपाल साहू के ऊपर कई गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत में सीसी सड़क, नाली निर्माण, ढोडी निर्माण, हैंडपंप खनन, सहित अन्य निर्माण कार्य किए बिना ही लाखों रुपए का हेराफेरी किया गया।

भौगोलिक परिस्थितियां के कारण ग्राम पंचायत के पंचायत सचिव को भ्रष्टाचार करने लाभ मिल रहा है।

लखनपुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत डांडकेसरा एक ऐसा भौगोलिक दृष्टिकोण से पहाड़ पर बसा हुआ है जो मैनपाट से नजदीक लखनपुर से काफी दूरस्थ एव पहुंच विहीन क्षेत्र जहां शासन तो प्रत्येक पंचायत में जो विकास कार्य की राशि दी जाती है उस पंचायत में भी दी जा रही है परंतु पंचायत सचिव का चारागाह बना हुआ है जिसमें मुख्य कारण अधिकारियों का निरंतर नही पहुंच पाना और भौगोलिक परिस्थितियां मुख्य वजह माना जाता है जिसके कारण पंचायत का विकास कार्य सिर्फ कागजों में सिमट कर रह गया है।

मनरेगा से बनाई जा रही मछली नदी में 17 लाख का चेक डैम निर्माण चढ़ा भ्रष्टाचार का भेंट।

ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया गया कि सचिव के मनमानी के फल स्वरुप ग्राम पंचायत में मछली नदी में मनरेगा के तहत लगभग 17 लाख की लागत से चेक डैम का निर्माण ठेका प्रथा से कराया जा रहा है और पूरे काम जेसीबी मशीन के माध्यम से गड्ढा खोदे गए और कार्य मनरेगा में सत प्रतिशत 17 लाख की स्वीकृति मिलना भी एक प्रश्न खड़ा करता है जबकि शासन के दिशा निर्देशानुसार 60 और 40 के रेसियु के अंतर्गत पक्का और मिट्टी का कार्य करने पर की बनाया गया है परंतु नियम कानून को ताक पर रखकर 17 लाख का चेक डैम की स्वीकृति दे दी गई है उसमें भी निर्माण कार्य गुणवत्ता विहीन कराए जा रहे हैं बड़े-बड़े बोल्डरों वाल के बीच में डाले गए हैं यह आरोप ग्राम पंचायत के ग्रामीणों के द्वारा लगाया जा रहा है चेक डेम के वाल को खोदकर देखें जिससे दूध का दूध पानी का पानी हो जायेगा वही पूरे निर्माण कार्य ठेका प्रथा से संचालित है और अधिकारियों पंचायत सचिव के मिली भगत से गुणवत्ता विहीन कार्य एवं ठेका प्रथा से कराया जा रहा हैं।

नाली निर्माण कार्य में 10 से 15 मीटर अधूरे नाली निर्माण कर निकाले लाखों की राशि-

ग्राम पंचायत डांड़ केसरा मैं दुबराज घर के पास नाली निर्माण कराया गया है जिसमें महज 10 से 15 मीटर ब्रिक्स ईट का द्वारा नाली निर्माण कराया गया है जिसमें लगभग दो लाख 20 हजार राशि पंचायत सचिव के द्वारा आहरण कर ली गई है जबकि नाली अभी भी अधूरी पड़ी हुई है।

कागजों में किया गया है सीसी रोड निर्माण धरातल पर कहीं कुछ नहीं पंचायत सचिव के द्वारा लाखों रुपए का भ्रष्टाचार-

ग्राम पंचायत डांड़ केसरा अंगद घर से लाल बहादुर घर तक सीसी रोड निर्माण कार्य सिर्फ कागजों तक ही सिमट कर रह गई है वहां मौका पर जाने पर पता चला कि वहां कभी भी सीसी रोड निर्माण नहीं कराया गया है और सचिव के माध्यम से ₹105000 राशि हरण कर लिया गया है।

सड़क में मुर्मी करण के नाम से भी फर्जी तरीके से किया गया राशि आहरण-

लखनपुर के दूरस्थ एवं कच्ची सड़क डांड़ केसराऔर लब्जी कच्ची सड़क के आवागमन के लिए शिविर में ग्राम वासियों के द्वारा सड़क मुर्मी करण की सीईओ से मांग की गई गई जिस पर सीओ ने स्वयं से 10 हज़ार रुपये देने की घोषणा की गई थी और 10,000 की मुरूम उक्त सड़क में डाला गया था जिसको लेकर पंचायत सचिव के द्वारा 90 हजार रुपयेफर्जी तरीके से राशि अहारण कर लिया गया है।

सिर्फ कागजों में ढोडी निर्माण कार्य कराए गए हैं और ढोडी निर्माण के नाम से61 हजार रुपये फर्जी तरीके से राशि आहरण किया गया है।

फर्जी सोख्ता गड्ढा के नाम से पंचायत सचिव के माध्यम से फर्जी तरीके से 8 निर्माण कराकर 24 सोख्ता गड्ढा का राशि हरण करने का भी मामला सामने आया है।

सरकार के द्वारा प्रत्येक ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है परंतु सरपंच सचिव के द्वारा निजी भूमि में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया और वयक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के लिये सचिव द्वारा कराया गया है

15वें वित्त योजना की अधिकांश राशि नलकूप उत्खनन कराकर निजी लाभ दिलाया गया है जबकी गांव में पेयजल की समस्या आए दिन बनी रहती है कई हैंडपंप आज भी खराब पड़े हुए हैं जिसकी मरम्मत के लिए सचिव को बोला गया लेकिन आज दिनांक तक हैंडपंप का सुधार नहीं हो पाया है। जिसे लेकर ग्रामवासी कई बार विरोध भी कर चुके है।

“”””””जनपद उपाध्यक्ष अमित सिंहदेव “””””

इस संबंध पर जनपद उपाध्यक्ष अमित सिंह देव ने बताया कि मुझे भी मीडिया और ग्रामीणों के माध्यम से सिकायत मिली है कि ग्राम पंचायत डांड़ केसरा में मनरेगा के तहत मछली नदी में चेक डैम निर्माण लगभग 17 लाख रुपये की लागत से गुणवत्ता विहीन कार्य और मशीनों से तथा ठेका प्रथा से कराने की शिकायत मिल रही है वही सचिव के द्वारा भी लाखों का का हेरा फेरी की भी शिकायत मिल रही है जिसे देखते हुए उक्त लापरवाह सचिव के ऊपर अधिकारियों को जांच टीम गठित कर जांच कराकर उचित करवाई कराना चाहिए भ्रष्ट पंचायत सचिव को 3-3 पंचायतों का बागडोर देना समझ से परे है। साथ ही उन्होंने कहा कि 1 माह पूर्व जनपद के अधिकारियों से निर्माण कार्यों के संबंध में पूछा गया था परंतु उनके द्वारा किसी भी निर्माण कार्य की स्वीकृति नहीं होने की बात कही। समाचार पत्रों में प्रकाशित खबर के बाद पूछा गया तो उनके द्वारा मनरेगा के तहत चेक डैम निर्माण कार्य की सुकृति की बात कही गई है।

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