सूरजपुर कलेक्टर ने कोविड-19 के संक्रमण फैलाव को रोकने जजावल कंटेन्मेंट जोन का निर्माण किया.. प्रशासनिक अमला नियमित रूप से कंटेन्मेंट जोन में कर रहे भ्रमण अब जजावल कंटेन्मेंट जोन में आने वाले विभिन्न ग्राम पंचायतों का होगा समुचित विकास

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पोड़ी मोड़-प्रतापपुर। कलेक्टर श्री दीपक सोनी के द्वारा कोविड-19 बीमारी के संक्रमण के फैलाव को रोकने हेतुजनपद पंचायत प्रतापपुर के ग्राम जजावल, अंजनी, पकनी, गोरगी, गिरिया एवं विकास खंड ओड़गी के ग्रामचिकनी के कुछ भाग को शामिल कर जजावल कंटेन्मेंट जोन का निर्माण किया गया है। ग्राम जजावल स्थित कंटेन्मेंट जोन के नोडल अधिकारी के रूप में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व प्रतापपुर के साथ-साथ मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत प्रतापपुर , विकास खंड चिकित्सा अधिकारी प्रतापपुर एवं अन्य प्रशासनिक अमला नियमित रूप से कंटेन्मेंट जोन में भ्रमण कर रहे है।
जजावल कंटेन्मेंट जोन में आने वाले ग्राम जिले के दूरस्थ क्षेत्र में स्थित होने के कारण इस क्षेत्र का समुचित विकास किये जाने हेतुअनुविभागीय अधिकारी राजस्व एवं नोडल अधिकारी कंटेन्मेंट जोन जजावल के नेतृत्व में इन ग्रामों में निवास कर रहे नागरिकों से चर्चा कर आपदा को अवसर में बदलेंगे। इस हेतु 03 वर्षों का दृष्टिपत्र तैयार करने तथा राज्य शासन की आत्मनिर्भर सुराजी ग्राम की परिकल्पना जिसके तहत नरवा, गरूवा, घुरूव, बाड़ी के अन्तर्गत कार्य, उनका स्थल का चयन और उनका कियान्वयन हेतु वहां के कदम उठाया जाना उचित होगा। जजावल कंटेन्मेंट जोन में आने वाले ग्राम का समुचित विकास हेतुनरवा, गरूवा, घुरूवा, बाडी के अतिरिक्त विभागों द्वारा संचालित कार्य को कराकर यहां निवासरत ग्रामीणो के जीवन स्तर में सुधार लाया जा सकता है।

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत प्रतापपुर

मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत जजावल कंटोन्मेंट जोनअन्तर्गत आने वाले ग्रामों को नरवा, गरूवा, घुरूवा, बाडी से जोड़ने के साथ-साथ वहां नागरिकों से चर्चा कर मनरेगा तहत के हितग्राही मूलक कार्य जैसे बाडी विकास, डबरी का निर्माण, भूमि समतलीकरण आदि कार्यों का प्रस्ताव तैयार करेंगे एवं स्वीकृति हेतुप्रेषित करेंगे एवं विभाग की सभी योजनाओं का लाभ शत् प्रतिशत लोगों को उपलब्ध कराने की कार्यवाही करेंगे।

विकास खंड चिकित्सा अधिकारी प्रतापपुर

विकास खंड चिकित्सा अधिकारी ग्राम में स्वास्थ्य विभाग द्वारा संचालित समस्त योजनाओं का लाभ लोगों को शत् प्रतिशत दिलाने हेतु रणनीति तैयार करने के साथ-साथ इन ग्रामों के नागरिकों से चर्चा कर ग्राम में स्वास्थ्य सुविधा का विस्तार करने हेतु उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोले जाने हेतु औचित्य के साथ प्रस्ताव तैयार करेंगे ताकि शासन स्तर से उप स्वास्थ्य केन्द्र, प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र खोलने की स्वीकृति हेतु कार्यवाही की जा सके।

अनुविभागीय अधिकारी वन प्रतापपुर

जजावल कंटोन्मेट जोन के अन्तर्गत आने वाले ग्रामसघन वन क्षेत्र है। इन ग्रामों में लद्यु वनोपज जैसे महुआ, साल बीज, विरौंजी, तेदूपत्ता, मोहलाइनपत्ता आदि का उपार्जन बहुतायत मात्रा में होता है। इन क्षेत्रों में निवासरत ग्रामीणों से चर्चा कर वे यहां दोनापत्तल उद्योग के साथ-साथ लघु वनोपज प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर उन्हें सीधे रोजगार से जोड़ा जा सकता है। अनुविभागीय अधिकारी वन इस दिशा में कार्यवाही किये जाने हेतु प्रस्ताव तैयार कर स्वीकृति हेतु भेजेंगे साथ ही वन धन केन्द्र स्वीकृति हेतु औचित्य के साथ प्रस्ताव तैयार कर प्रेषित करेंगे।

वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी प्रतापपुर

जजावल कटोन्मेंट जोनअन्तर्गत आने वाले ग्रामों के कृषकों की कृषि योग्य भूमि का मृदा हेल्थ कार्ड तैयार करने तथा उसके अनुसार कृषकों को फसल लगाने, नगदीफसलें (ब्।ैप्प् ब्त्व्च्ै) लेने हेतु तथा जैविक खाद के उपयोग के लिए लोगों को प्रोत्साहित करने, आदि के संबंध में प्रस्ताव तैयार किया जायेगा ताकि प्रस्ताव अनुसार जिला स्तर से आवश्यक कार्यवाही की जाये।

उप संचालक पशु चिकित्सा एवं स्वारथ्य सेवायें सूरजपुर

जजावल कटोन्मेंट जोनअन्तर्गत आने वाले ग्रामों के पशुओं का टीकाकरण, दूधारू पशुओं के नश्ल सुधार, ग्राम में निवासरत गरीब परिवारों के आय में वृद्धि हेतु व्यक्ति मूलक योजना के तहत मुर्गी पालन, उन्नत नस्ल का बकरा वितरण आदि के संबंध में कार्य योजना तैयार किया जायेगा।

अनुविभागीय अधिकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग

अनुविभागीय अधिकारी लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग जजावल कंटोन्मेंट जोन को ग्रामो में नल-जल योजना स्थापित करने के संबंध में औचित्य के साथ प्रस्ताव तैयार करेंगे साथ ही ग्राम में बिगडेहैंडपंपों के सुधार कराकरशत् प्रतिशत हैंड पंप का संचालन सुनिश्चत करेंगे साथ हैंडपंपों के जल की गुणवत्ता परीक्षण कर आवश्यकता अनुसार उपचारात्मक कार्यवाही (ज्त्म्।ज्डम्छज् च्स्।छज्) स्थापित करेंगे। इसके अतिरिक्त ग्रामीणों से चर्चा के दौरान यदि ग्रामीणों द्वारा क्षेत्र के विकास हेतु अन्य उपयोगी जानकारी प्राप्त होती है तो उसके लिए भी प्रस्ताव तैयार करें ताकि ग्रामीणों की मंशा के अनुसार क्षेत्र के विकास हेतु कार्यवाही किया जा सके एवं राज्य शासन की आत्मनिर्भर सुराजी ग्राम की परिकल्पना को सकार किया जा सके।

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