सहकारी बैंक में नगदी संकट से आक्रोशित किसानों ने किया थाने का घेराव, दी चक्काजाम की चेतावनी

लखनपुर : प्रदेश सरकार द्वारा त्योहारों के मद्देनजर किसानों के खातों में धान बोनस की राशि एकमुश्त अंतरित किए जाने के बाद अब बैंकों में भुगतान को लेकर भारी अव्यवस्था देखने को मिल रही है। सरगुजा जिले के लखनपुर स्थित जिला सहकारी बैंक में पिछले दो दिनों से नगदी की किल्लत और स्टाफ की कमी के कारण किसान हलकान हैं। किसानों का आरोप है कि घंटों लंबी कतारों में लगने के बावजूद उन्हें बैंक से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे खेती-किसानी और घरेलू जरूरतों के लिए पैसों का इंतजाम करना मुश्किल हो गया है।
इसी अव्यवस्था से नाराज होकर गुरुवार की दोपहर करीब 1:30 बजे बड़ी संख्या में किसानों ने बैंक से रैली निकाली और लखनपुर थाने का घेराव कर दिया। किसानों ने थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपते हुए बैंक प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए। किसानों का कहना है कि उनके खातों में 50 हजार से लेकर 5 लाख रुपये तक जमा हैं, लेकिन बैंक कर्मचारी नगदी न होने का बहाना बनाकर उन्हें केवल 2 हजार से 10 हजार रुपये तक के आहरण फॉर्म भरवा रहे हैं। हद तो तब हो जाती है जब घंटों इंतजार के बाद नंबर आने पर पैसा खत्म होने की बात कहकर उन्हें बैरंग वापस भेज दिया जाता है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने बैंक कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जो लोग बैंक के भीतर साठगांठ कर ‘सुविधा शुल्क’ के रूप में ₹500 दे रहे हैं, उन्हें ₹49,000 तक की बड़ी राशि निकालने दी जा रही है, जबकि आम किसान सुबह से शाम तक लाइन में लगकर परेशान हो रहे हैं। इस दौरान बैंक परिसर में वीडियो बना रहे एक युवक का मोबाइल छीनकर उसे थाने में बैठाए जाने की घटना से भी क्षेत्र के किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए तहसीलदार अंकिता पटेल और थाना प्रभारी ने तत्काल जिला सहकारी बैंक पहुंचकर बैंक अधिकारियों से चर्चा की। अधिकारियों द्वारा उचित व्यवस्था बनाने की समझाइश और आश्वासन के बाद फिलहाल मामला शांत हुआ। हालांकि, किसानों ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि दो दिनों के भीतर उनके रुके हुए धान बोनस और जमा राशि के भुगतान की सुचारू व्यवस्था नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करते हुए सड़क पर चक्काजाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।





