एक ही तालाब को 2 बार स्वीकृत कराने वाले तकनीकी सहायक और रोजगार सहायक बर्खास्त, FIR दर्ज कराने के निर्देश
अंबिकापुर- महात्मा गांधी नरेगा योजनान्तर्गत निर्माण कार्यों में लापरवाही और अनियमितता बरतने के मामले में सरगुजा कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक अजीत वसंत द्वारा बड़ी कार्यवाही की गई है। लुण्ड्रा जनपद की ग्राम पंचायत किरकिमा में प्राप्त शिकायतों की जांच के बाद दोषी पाए गए तकनीकी सहायक दिवाकर प्रधान और ग्राम रोजगार सहायक संतोष यादव को पद से पृथक कर दिया गया है। इसके साथ ही कलेक्टर ने दोनों के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट (FIR) दर्ज कराने के निर्देश भी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत लुण्ड्रा को दिए हैं।
जांच प्रतिवेदन के अनुसार, बनिया टोंगरी अमृत सरोवर एवं बरडांड तालाब गहरीकरण कार्य में जानबूझकर अनियमितता बरती गई। तकनीकी सहायक दिवाकर प्रधान द्वारा मनरेगा के प्रावधानों को दरकिनार करते हुए 03 वर्ष के भीतर ही एक तालाब को 02 बार स्वीकृत कराया गया। इसके साथ ही अमृत सरोवर जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में स्थल चयन में भी अनियमितता पाई गई और कार्यस्थल पर मूल्यांकन के अनुसार कार्य नहीं होना पाया गया। इन कार्यों को अत्यंत गुणवत्ताहीन तरीके से कराया गया था।
प्रशासन द्वारा की गई जांच के आधार पर तकनीकी सहायक पर 3.51 लाख रुपये तथा रोजगार सहायक पर 9.31 लाख रुपये की राशि अधिरोपित की गई थी। दोनों को अंतिम चेतावनी पत्र जारी कर आरोपित राशि जमा करने हेतु निर्देशित किया गया था, किन्तु उनके द्वारा राशि जमा नहीं की गई। इसे गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने अब पुलिस कार्यवाही (FIR) सुनिश्चित करने का आदेश दिया है।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विनय कुमार अग्रवाल ने बताया कि प्रशासन निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता को लेकर सजग है। उन्होंने जानकारी दी कि पिछले छह माह के दौरान जिले में इसी प्रकार की कार्यवाही करते हुए तकनीकी सहायक अजीत कुमार सिंह, रोजगार सहायक अशीष कुमार, पनमेश्वरी राजवाड़े, जोहानी एक्का एवं विनय बजरंगी को भी पद से पृथक किया जा चुका है। कलेक्टर अजीत वसंत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि शासकीय योजनाओं के कार्यों में किसी भी प्रकार की अनियमितता को अनदेखा नहीं किया जाएगा।





