फेयरवेल पार्टी के जश्न में न भूलें सुरक्षा: सरगुजा पुलिस की स्कूल के प्राचार्य को सख्त हिदायत, स्टंटबाजी और रील बनाने पर होगी सीधी कार्रवाई…

अम्बिकापुर |
आगामी बोर्ड परीक्षाओं के शुरू होने से पहले स्कूलों में आयोजित होने वाले ‘फेयरवेल पार्टी’ (विदाई समारोह) के दौरान युवाओं द्वारा सड़कों पर किए जाने वाले हुड़दंग और जानलेवा स्टंटबाजी को रोकने के लिए सरगुजा पुलिस ने कमर कस ली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल (भा.पु.से.) के दिशा-निर्देशन में आज पुलिस कोऑर्डिनेशन सेंटर (सरगुजा भवन) में जिले के समस्त स्कूल संचालकों और प्राचार्यों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को अनुशासित रखना और सड़क सुरक्षा के महत्त्व के प्रति जागरूक करना रहा। पुलिस प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि विदाई समारोह स्कूली जीवन की यादों को संजोने का अवसर है, इसे किसी दुर्घटना का कारण न बनने दें।

बैठक को संबोधित करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमोलक सिंह ढिल्लों ने कहा कि पूर्व में ऐसे कई मामले संज्ञान में आए हैं जहाँ छात्र-छात्राओं द्वारा खुले जीप और चारपहिया वाहनों में बैठकर रील बनाई गई या सड़कों पर खतरनाक तरीके से वाहन दौड़ाए गए, जिन पर पुलिस ने कड़ी वैधानिक कार्रवाई की थी। उन्होंने स्कूल संचालकों को स्पष्ट किया कि हुड़दंग और स्टंटबाजी पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। सार्वजनिक सड़कों या खेल मैदानों पर लापरवाही से वाहन चलाकर नागरिकों के लिए खतरा पैदा करने पर वाहन तत्काल जप्त किया जाएगा और संबंधित छात्र का ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही बिना हेलमेट, ट्रिपल राइडिंग और नशे की हालत में वाहन चलाना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
ट्रैफिक प्रभारी उप निरीक्षक विजय केवर्त ने स्कूल संचालकों को निर्देशित किया कि वे अपने संस्थान में नाबालिगों द्वारा वाहन लाने पर सख्ती से रोक लगाएँ और प्रत्येक फेयरवेल पार्टी की सूचना पुलिस को अनिवार्य रूप से प्रदान करें। पुलिस ने अभिभावकों से भी भावुक अपील की है कि वे अपने बच्चों को बिना लाइसेंस वाहन न दें और उन्हें सड़क सुरक्षा का महत्त्व समझाकर जागरूक करें। पुलिस प्रशासन का मानना है कि जश्न के जोश में युवा अक्सर यातायात नियमों का उल्लंघन करते हैं, जिससे उनकी जान जोखिम में पड़ सकती है। सड़क पर सुरक्षा ही किसी भी छात्र के उज्ज्वल भविष्य की पहली सीढ़ी है, इसलिए इसे गंभीरता से लेना आवश्यक है।
बैठक के दूसरे चरण में साइबर सुरक्षा पर भी विस्तृत चर्चा की गई, जहाँ साइबर सेल से साइबर एक्सपर्ट अनुज जायसवाल ने साइबर ठगी से बचाव के महत्वपूर्ण तरीके साझा किए। उन्होंने वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल सरकारी पोर्टल के उपयोग, चोरी या गुम हुए मोबाइल की जानकारी के लिए CEIR पोर्टल और अपनी आईडी पर चल रहे सिम कार्डों की पहचान के लिए ‘संचार साथी’ एप्लीकेशन के इस्तेमाल की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने छात्रों को सोशल मीडिया पर अपनी प्रोफाइल लॉक रखने और व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक न करने की सलाह दी ताकि किसी भी प्रकार के अनाधिकृत इस्तेमाल से बचा जा सके।
इस महत्वपूर्ण समन्वय बैठक में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, यातायात प्रभारी विजय केवर्त, जिले के विभिन्न स्कूलों के संचालक, प्राचार्य सहित साइबर सेल से अनुज जायसवाल और पुलिस मितान के सदस्य अतुल गुप्ता, अनमोल बारी एवं बसंत उपस्थित रहे। सरगुजा पुलिस ने अंत में सभी से अपील की कि विदाई का आनंद शालीनता से लें और कानून के दायरे में रहकर खुशियां मनाएं।


