अम्बिकापुर-सीतापुर के शहरी मार्गों का बदलेगा स्वरूप: ‘वन टाइम इम्प्रूवमेंट’ योजना स्वीकृत,रेलवे स्टेशन से देवीगंज रोड और खरसिया चौक से दरिमा मोड़ तक सड़कों के सुधार हेतु 7.24 करोड़ रुपये की मंजूरी..
अम्बिकापुर : शहरी यातायात को सुगम और सुरक्षित बनाने की दिशा में शासन ने एक बड़ा कदम उठाया है। अम्बिकापुर और सीतापुर शहरी क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों के तत्काल सुधार एवं मजबूतीकरण हेतु ‘वन टाइम इम्प्रूवमेंट’ (OTI) योजना के तहत महत्वपूर्ण कार्यों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इस योजना से शहर की जर्जर सड़कों की स्थिति में सुधार होगा और आवागमन सुगम बनेगा।
इन प्रमुख मार्गों पर होगा काम
लोक निर्माण विभाग (राष्ट्रीय राजमार्ग) के अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के तहत अम्बिकापुर शहरी क्षेत्र में रेलवे स्टेशन से गांधी चौक होते हुए देवीगंज रोड और सदर रोड से लेकर खरसिया चौक तक डामरीकरण का कार्य किया जाएगा। इसके अलावा, खरसिया चौक से दरिमा मोड़ तक सीसी रोड (सीमेंट कंक्रीट) का निर्माण और मार्ग के मध्य में दो पुलियों का निर्माण भी प्रस्तावित है, जिससे जलभराव और आवाजाही की समस्या दूर होगी।
संधारण के लिए 7.24 करोड़ रुपये स्वीकृत
वर्तमान में सिलफिली, अम्बिकापुर, सीतापुर, पत्थलगांव, कांसाबेल और कुनकुरी के शहरी भागों में सड़कों की मरम्मत का कार्य सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की STMC परियोजना के तहत किया जा रहा है। इसके लिए कुल 7.24 करोड़ रुपये की निविदा स्वीकृत की गई है। इसमें से 5.32 करोड़ रुपये की राशि विशेष रूप से आगामी 12 महीनों तक इन समस्त शहरी भागों के सड़क संधारण (रखरखाव) के लिए आरक्षित की गई है।
दिन के समय मरम्मत के निर्देश
विगत दिनों देवीगंज रोड में हुए संधारण कार्य और दिसंबर में हुई एक घटना के बाद सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए ठेकेदार को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मरम्मत का कार्य दिन के समय ही किया जाए। वर्तमान में सिलफिली में पैच रिपेयर का कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसके बाद अब अम्बिकापुर शहरी क्षेत्र के शेष बचे गड्ढों (पॉटहोल्स) को भरने का काम शुरू किया जाएगा।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह समस्त कार्य केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की स्वीकृति और बजट के अंतर्गत ही किए जा रहे हैं। राज्य या केंद्र से अलग से कोई अतिरिक्त राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण, समस्त कार्य निर्धारित मदों के भीतर ही संपन्न कराए जा रहे हैं।


