अयोध्या: राम मंदिर में नमाज पढ़ने का प्रयास, रोकने पर अबू अहमद शेख ने लगाए मजहबी नारे, कश्मीरी युवती भी पकड़ी गई..

उत्तर प्रदेश के अयोध्या स्थित श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर से सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। शनिवार सुबह मंदिर के दक्षिणी परकोटे क्षेत्र में नमाज पढ़ने का प्रयास कर रहे तीन कश्मीरी मूल के नागरिकों को सुरक्षाबलों ने मुस्तैदी दिखाते हुए हिरासत में ले लिया। पकड़े गए व्यक्तियों में दो युवक और एक युवती शामिल हैं। इस संवेदनशील घटना के बाद मंदिर परिसर और पूरी अयोध्या नगरी में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं।
संदिग्ध हरकतों के बाद सुरक्षाबलों ने पकड़ा
प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, यह घटना शनिवार सुबह की है जब तीनों कश्मीरी नागरिक मंदिर के गेट नंबर ‘D-1’ से परिसर के भीतर दाखिल हुए थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ये लोग परिसर के भीतर संदिग्ध हरकतें कर रहे थे। इसी दौरान सीता रसोई के पास दक्षिणी परकोटे पर एक युवक ने नमाज पढ़ने की कोशिश शुरू की। वहां मौजूद श्रद्धालुओं और सुरक्षाकर्मियों की नजर जैसे ही उन पर पड़ी, उन्हें तुरंत रोकने का प्रयास किया गया। बताया जा रहा है कि रोके जाने पर युवकों ने कथित तौर पर मजहबी नारेबाजी भी शुरू कर दी, जिससे परिसर में हड़कंप मच गया।
आरोपियों की पहचान और पूछताछ
हिरासत में लिए गए युवकों में से एक की पहचान कश्मीर के शोपियां निवासी अबू अहमद शेख के रूप में हुई है। वहीं, साथ मौजूद युवती का नाम सोफिया बताया जा रहा है। सुरक्षाबलों ने तीनों को तत्काल प्रभाव से हिरासत में लेकर अज्ञात स्थान पर भेज दिया है, जहां खुफिया एजेंसियां (IB), स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी उनसे गहन पूछताछ कर रहे हैं। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उनके अयोध्या आने का मुख्य उद्देश्य क्या था और क्या यह किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा है।
शहर में सुरक्षा घेरा सख्त, संदिग्धों पर नजर
इस घटना के बाद अयोध्या पुलिस पूरी तरह सक्रिय हो गई है। एहतियात के तौर पर शहर में कश्मीरी शॉल और अन्य सामान बेचने वाले अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है ताकि उनकी गतिविधियों की पुष्टि की जा सके। मंदिर के प्रवेश द्वारों पर चेकिंग अभियान को और कड़ा कर दिया गया है। खुफिया विभाग पकड़े गए आरोपियों के मोबाइल डेटा और उनके स्थानीय संपर्कों को भी खंगाल रहा है।
प्रशासन और ट्रस्ट की चुप्पी
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है। वहीं, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर अपनी कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। अधिकारियों का कहना है कि पूरी जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट की जाएगी। फिलहाल मंदिर परिसर में दर्शन की प्रक्रिया सामान्य रूप से चल रही है, लेकिन सुरक्षा घेरा पहले से कहीं अधिक मजबूत कर दिया गया है।





