अंबिकापुर में युवती और उसके साथियों ने रिहायशी इलाके में शख्स की चाकू से गोदकर की हत्या, सीसीटीवी में कैद मारपीट की वारदात, युवती हिरासत में…

अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग की राजधानी कहे जाने वाले अंबिकापुर शहर में कानून-व्यवस्था की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। शहर के भीतर अब अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जिसका ताजा और वीभत्स उदाहरण गांधीनगर थाना क्षेत्र में देखने को मिला। यहाँ एक 48 वर्षीय शख्स की चाकू मारकर निर्मम हत्या कर दी गई, जिसमें एक युवती और उसके दो साथियों की संलिप्तता सामने आई है। इस पूरी वारदात का सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि हमलावर सीसीटीवी कैमरों की परवाह किए बिना वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए, जो शहर में पुलिस के इकबाल के खत्म होने का स्पष्ट संकेत दे रहा है।
गांधीनगर थाना अंतर्गत डेयरी फार्म के समीप शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब स्थानीय लोगों ने एक घर के सामने खून से लथपथ एक शख्स का शव पड़ा देखा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची। मृतक की शिनाख्त सुभाषनगर, वार्ड क्रमांक 2 निवासी बबलू मंडल के रूप में हुई है। जांच के दौरान पता चला कि बबलू शुक्रवार रात घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। फॉरेंसिक जांच में यह बात सामने आई कि हमलावरों ने उनके सीने और गले पर चाकू से कई वार किए थे, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटनास्थल पर बिखरा और सूख चुका खून इस बात की गवाही दे रहा था कि यह वारदात रात के अंधेरे में बेहद क्रूरता के साथ अंजाम दी गई है।
इस हत्याकांड की तफ्तीश के दौरान पुलिस को इलाके में लगे सीसीटीवी फुटेज से महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। फुटेज में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि दो युवक और एक युवती मिलकर मृतक बबलू मंडल के साथ मारपीट कर रहे हैं और फिर उन पर हथियारों से हमला कर मौके से भाग निकले। इस फुटेज के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी करते हुए सोनिया नामक युवती को हिरासत में ले लिया है। बताया जा रहा है कि शुक्रवार को ही बबलू मंडल का सोनिया और उसके एक साथी के साथ किसी बात को लेकर तीखा विवाद हुआ था। इसी रंजिश को पालते हुए आरोपियों ने रात में घात लगाकर हमला किया। पुलिस फिलहाल हिरासत में ली गई युवती से पूछताछ कर रही है, जबकि वारदात में शामिल दो अन्य युवक अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं।
अंबिकापुर में घटित इस सनसनीखेज हत्या ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था को कठघरे में खड़ा कर दिया है। पिछले कुछ महीनों में शहर के अलग-अलग इलाकों में चाकूबाजी, मारपीट और सरेराह गुंडागर्दी की घटनाओं में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। रिहाइशी इलाकों में इस तरह से हत्या होना आम नागरिकों के मन में असुरक्षा की भावना पैदा कर रहा है। लोहे के स्क्रैप का काम करने वाले एक सामान्य व्यक्ति की जान चले जाना यह दर्शाता है कि अपराधियों में कानून का कोई डर शेष नहीं रहा है।


