छत्तीसगढ़

पूर्व समिति प्रबंधक व वर्तमान जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू कोर्ट के आदेश से आदेश से हुए गिरफ्तार: फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा लगाकर 43 लाख की राशि हड़पने का आरोप

जांजगीर-चांपा
छत्तीसगढ़ के जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के वर्तमान विधायक और पूर्व समिति प्रबंधक बालेश्वर साहू को धोखाधड़ी और गबन के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया गया है। जिला न्यायालय के कड़े रुख और स्पष्ट आदेश के बाद पुलिस ने यह बड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की। विधायक पर आरोप है कि उन्होंने पद पर रहते हुए करीब 42.75 लाख रुपए (लगभग 43 लाख) की सरकारी राशि का फर्जीवाड़ा कर गबन किया है।

पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार, बालेश्वर साहू ने समिति प्रबंधक के रूप में अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया। उन्होंने सरकारी दस्तावेजों में फर्जी हस्ताक्षर किए और कई जगह फर्जी अंगूठा लगाकर शासन की निधि को गैरकानूनी तरीके से निकाला। जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि यह पूरी राशि व्यक्तिगत लाभ के लिए निजी खातों और संपत्तियों में हेरफेर की गई। पुलिस ने विधायक के ठिकानों पर दबिश के दौरान 5 लाख रुपए से अधिक के सोने-चांदी के जेवरात भी बरामद किए हैं।

मामला दर्ज होने के बाद से ही विधायक गिरफ्तारी के डर से अंडरग्राउंड हो गए थे। पुलिस की कई टीमें उनकी तलाश में जुटी थीं, लेकिन वे लगातार अपने ठिकाने बदल रहे थे। इधर, इस मामले को लेकर स्थानीय राजनीति में भारी हलचल मची रही। भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विधायक की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर मोर्चा खोल दिया था। कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय का घेराव किया और लगातार आंदोलन के जरिए प्रशासन पर दबाव बनाए रखा। भाजपा का आरोप था कि सत्ता और रसूख के चलते गिरफ्तारी में देरी की जा रही है।

अंततः जिला न्यायालय ने पुलिस की रिपोर्ट और पेश किए गए सबूतों के आधार पर बालेश्वर साहू को तत्काल गिरफ्तार करने का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया और आज अदालत के समक्ष पेश किया। इस दौरान पुलिस ने मामले से जुड़े दो पेटी दस्तावेज भी पेश किए, जिनमें धोखाधड़ी से संबंधित विस्तृत साक्ष्य मौजूद हैं।

पुराना आपराधिक रिकॉर्ड और सख्त संदेश

उल्लेखनीय है कि बालेश्वर साहू का इतिहास पहले भी विवादों में रहा है और वे पूर्व में भी धोखाधड़ी और गबन के मामलों में गिरफ्तार हो चुके हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के अनुसार, मामले की जांच अभी खत्म नहीं हुई है। इस घोटाले में शामिल अन्य संदिग्धों और सहयोगियों की भी तलाश की जा रही है।

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