अंबिकापुर में पहली बार PWD का विशेष प्रशिक्षण: सड़क, पुल और भवन निर्माण की बारीकियों पर मंथन करने जुटे प्रदेश के 270 से अधिक इंजीनियर

अंबिकापुर |
छत्तीसगढ़ के लोक निर्माण विभाग में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने और तकनीकी कौशल को आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की गई है। उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विभाग के सचिव के मार्गदर्शन में शुक्रवार को अंबिकापुर स्थित मुख्य अभियंता कार्यालय के सभाकक्ष में विभागीय अभियंताओं के लिए एक दिवसीय क्षमता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस विशेष कार्यक्रम की सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि छत्तीसगढ़ में पहली बार शासकीय इंजीनियरों के साथ-साथ ठेकेदारों द्वारा नियुक्त अभियंताओं को भी इस तकनीकी प्रशिक्षण में शामिल किया गया, ताकि मैदानी स्तर पर काम में बेहतर समन्वय और सुधार लाया जा सके।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान सेवानिवृत्त प्रमुख अभियंता डी. के. प्रधान और मुख्य अभियंता बी. एस. बघेल ने मुख्य वक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दीं। विशेषज्ञों ने अभियंताओं को भवन, सड़क, और पुल निर्माण की तकनीकी बारीकियों के साथ-साथ उनके बेहतर संधारण और अनुबंध के प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि निर्माण कार्यों में न केवल तेजी लाई जाए, बल्कि व्यावसायिक मानकों और गुणवत्ता के साथ किसी भी प्रकार का समझौता न हो।
भागीदारी के लिहाज से भी यह आयोजन अत्यंत सफल रहा। सरगुजा परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता और अनुविभागीय अधिकारियों सहित कुल 170 अभियंता अंबिकापुर में भौतिक रूप से इस कार्यक्रम का हिस्सा बने। इनमें भवन, सड़क, और सेतु विभाग के 135 विभागीय इंजीनियर और ठेकेदारों के 35 निजी अभियंता शामिल थे। इसके अतिरिक्त, तकनीक का लाभ उठाते हुए प्रदेश के अन्य हिस्सों से लगभग 100 अभियंता वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ऑनलाइन इस प्रशिक्षण से जुड़े रहे।
मुख्य अभियंता ने बताया कि इस प्रशिक्षण का प्राथमिक उद्देश्य विभागीय अभियंताओं की तकनीकी एवं व्यावसायिक क्षमता का विकास करना है। विशेषज्ञों ने फील्ड में आने वाली व्यावहारिक समस्याओं और उनके तकनीकी समाधानों पर चर्चा करते हुए बताया कि कैसे आधुनिक मापदंडों का पालन कर शासकीय धन का सदुपयोग और टिकाऊ अधोसंरचना का निर्माण किया जा सकता है। इस आयोजन को लोक निर्माण विभाग द्वारा राज्य में निर्माण की नई कार्यसंस्कृति विकसित करने की दिशा में एक मील का पत्थर माना जा रहा है।
क्या आप इस समाचार में किसी स्थानीय जनप्रतिनिधि का नाम या कार्यक्रम के समापन सत्र के बारे में कुछ और जोड़ना चाहेंगे?


