जशपुर

धान खरीदी में ₹6.55 करोड़ का घोटाला; प्राधिकृत अधिकारी, समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर समेत 6 पर FIR, फड़ प्रभारी गिरफ्तार

जशपुर (छत्तीसगढ़) |
जशपुर जिले के तुमला थाना क्षेत्र अंतर्गत कोनपारा धान खरीदी उप केंद्र में खरीफ वर्ष 2024-25 के दौरान ₹6.55 करोड़ से अधिक की भारी अनियमितता और वित्तीय धोखाधड़ी का बड़ा मामला उजागर हुआ है। छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक मर्यादित (अपेक्स बैंक) जशपुर के नोडल अधिकारी राम कुमार यादव की लिखित रिपोर्ट पर पुलिस ने शासन को करोड़ों की आर्थिक क्षति पहुँचाने वाले छह पदाधिकारियों के विरुद्ध नामजद एफआईआर दर्ज की है।
रिकॉर्ड में हेराफेरी कर गायब किया 20 हजार क्विंटल से अधिक धान
मामले के संक्षिप्त विवरण के अनुसार, संयुक्त जांच दल के भौतिक सत्यापन में पाया गया कि केंद्र के कंप्यूटर रिकॉर्ड में कुल 1,61,250 क्विंटल धान की खरीदी दर्ज थी, लेकिन मिलों और संग्रहण केंद्रों को केवल 1,40,663.12 क्विंटल धान ही भेजा गया। इस प्रकार कुल 20,586.88 क्विंटल धान की भारी कमी पाई गई। ₹3100 प्रति क्विंटल की दर से धान की कीमत और गायब हुए 4,898 नग बारदानों की कुल राशि मिलाकर शासन को ₹6,55,26,979 (छह करोड़ पचपन लाख छब्बीस हजार नौ सौ उनासी रुपये) का चूना लगाया गया है।
इन पदाधिकारियों की मिलीभगत से हुई धांधली
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरे घोटाले को सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिया गया था। पुलिस ने इस मामले में धान खरीदी केंद्र के प्राधिकृत अधिकारी भुनेश्वर यादव, समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू, फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव, कंप्यूटर ऑपरेटर जितेंद्र साय, सहायक फड़ प्रभारी अविनाश अवस्थी और उप सहायक फड़ प्रभारी चंद्र कुमार यादव को आरोपी बनाया है। इन सभी के विरुद्ध बीएनएस (BNS) की धारा 318(4), 320, 336, 338 एवं 61 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान तुमला पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपियों में से एक, फड़ प्रभारी शिशुपाल यादव (पिता- उम्र 39 वर्ष, निवासी ग्राम झारमुंडा) को गिरफ्तार कर लिया है, जिसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। मामले के अन्य मुख्य आरोपी—प्राधिकृत अधिकारी भुनेश्वर यादव, समिति प्रबंधक जयप्रकाश साहू और अन्य कर्मचारी—फिलहाल फरार हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) शशि मोहन सिंह ने बताया कि शासन के धन का दुरुपयोग और गबन करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही सभी सलाखों के पीछे होंगे। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी कोमल सिंह नेताम और उनकी टीम की मुख्य भूमिका रही।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button