धान की रीसाइक्लिंग का भंडाफोड़,कलेक्टर के निर्देश पर शिवम फूड प्रोडक्ट राइस मिल पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई,करीब 4 हजार क्विंटल धान गायब..
अंबिकापुर / नवपदस्थ कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने जिले में अवैध धान की खरीदी रोकने और धान के पुनर्चक्रण पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में खाद्य अधिकारी एवं जिला विपणन अधिकारी सरगुजा द्वारा संयुक्त रूप से दिनांक 18 दिसंबर 2025 को मेसर्स शिवम फूड प्रोडक्ट, कंठी स्थित राइस मिल का औचक निरीक्षण किया गया। जांच के दौरान धान के पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) की पुष्टि हुई है।
निरीक्षण के समय राइस मिल संचालक श्री निकित अग्रवाल उपस्थित पाए गए। जांच के दौरान मिल परिसर में ट्रक क्रमांक CG 15 DF 5844 में हरे रंग के प्लास्टिक बोरी में 170 बोरी धान लोड किया जाना पाया गया। उक्त धान को मौके पर ही जप्त कर राइस मिल संचालक की सुपुर्दगी में दिया गया। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि जूट बारदाने से धान को पलटी कर प्लास्टिक बोरी में भरकर धान खरीदी में खपाने के उद्देश्य से लोड किया जा रहा था।
भौतिक सत्यापन के दौरान मिल परिसर में 17,933 बोरी धान, समिति से लाए गए 1,900 बोरी धान से भरे तीन ट्रक तथा 6,553 बोरी पुराना चावल पाया गया। इस प्रकार कुल 19,833 बोरी धान, जिसका वजन 7,933.20 क्विंटल है, मौके पर मौजूद पाया गया।
दस्तावेजों के अनुसार एफसीआई अनुबंध अंतर्गत 9,120 क्विंटल का डीओ जारी हुआ था, जिसमें से 9,040 क्विंटल का उठाव हो चुका है। वहीं नान (NAN) अनुबंध अंतर्गत 3,040 क्विंटल का डीओ जारी हुआ, जिसमें 2,740 क्विंटल का उठाव किया गया। इस प्रकार राइस मिल द्वारा कुल 11,880 क्विंटल (29,700 बोरी) धान का उठाव किया गया, जबकि भौतिक सत्यापन में 9,867 बोरी (3,946.80 क्विंटल) धान कम पाया गया।
अधिकारियों के अनुसार जांच में यह स्पष्ट होता है कि राइस मिल संचालक द्वारा उक्त कम पाए गए धान का उपयोग पुनर्चक्रण कर धान खरीदी में खपाने के लिए किया गया। निरीक्षण के समय मिलिंग कार्य एवं मशीन बंद पाई गई तथा स्टॉक संबंधी अभिलेख एवं दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए।
जांच में यह कृत्य छत्तीसगढ़ चावल उपार्जन आदेश 2016 की कंडिका 4(3), 4(5), 6(1) एवं 6(3) का उल्लंघन पाया गया है, जो आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत दंडनीय अपराध है।
मामले में आवश्यक कार्रवाई हेतु कलेक्टर को जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत कर दिया गया है। प्रकरण में पंचनामा, कथन, जप्ती पत्रक एवं सुपुर्दगी पत्रक संलग्न किए गए हैं। जिस पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।





